
कोरांव, प्रयागराज : जमुनापार के कोरांव तहसील क्षेत्र के मांडा ब्लॉक अंतर्गत (टगहा) दसवार गांव निवासी राज बहादुर पटेल पुत्र स्व. लक्ष्मी नारायण ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में तहसील कोरांव पहुंचकर गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति बिना किसी डिग्री और अनुभव के इलाज कर रहा है। अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा किए गए गलत इलाज के कारण वह दिव्यांग हो गया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में एक माह पूर्व जिलाधिकारी प्रयागराज के जनता दर्शन में भी शिकायत की गई थी, जिस पर सीएमओ प्रयागराज द्वारा टीम गठित कर जांच का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर के पास किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय डिग्री नहीं है। अनुभवहीन होने के बावजूद वह गांव के गरीब मजदूरों का कम पैसों में इलाज करता है, जिससे कई बार मरीजों की जान तक चली जाती है।

राज बहादुर पटेल ने बताया कि वह बुखार का इलाज कराने के लिए उक्त व्यक्ति के पास गया था। बिना किसी जांच के उसे चार इंजेक्शन लगाए गए और ग्लूकोज चढ़ाया गया। इलाज से ठीक होने के बजाय अगले दिन उसे ब्रेन हैमरेज हो गया। परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि दवाओं के रिएक्शन के कारण ब्रेन हैमरेज हुआ है। लंबे इलाज के बावजूद उसका बायां अंग काम नहीं कर रहा है और वह दिव्यांग हो गया है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी प्रयागराज और सीएमओ प्रयागराज से मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में सीएमओ प्रयागराज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं सीएचसी अधीक्षक मांडा डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायतें सीएमओ कार्यालय भेजी जाती हैं, जहां से जांच की कार्रवाई की जाती है।










