
- -जातिसूचक गालियां, जान से मारने की दी धमकी
Etah : जनपद एटा में भूमाफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब गरीब, बुजुर्ग और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीनें भी सुरक्षित नहीं रहीं। थाना बागवाला क्षेत्र के गांव लभेटा दबंगों ने 72 वर्षीय गरीब मजदूर की 8 बीघा पट्टे की जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया, और उसे खेत जोतने-बोने से रोक दिया। पीड़ित ने सीएम को भेजे गए पत्र में कार्यवाही की मांग करते हुए अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की है।
पीड़ित सन्नू पुत्र कुवरपाल, निवासी लमेंटा निगोह, हसनपुर ने मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी खाता संख्या 00481, खसरा गाटा संख्या 216 व 68 की भूमि पूरी तरह उसके नाम दर्ज है, जिस पर वह संक्रमणीय भूमिधर काश्तकार है। बावजूद इसके गांव के ही कुछ दबंगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के बल पर कब्जा कर लिया।
खेत पर जाने पर रास्ता रोक कर देते हैं धमकी
पीड़ित के अनुसार जब भी वह अपने खेत पर मेड़बंदी या खेती करने जाता है, तो मुन्ना लाल, लाल सिंह, कैलाश और हरपाल सभी एक राय होकर पहुंच जाते हैं और जातिसूचक शब्दों, मां-बहन की गालियों और जान से मारने की धमकी देकर भगा देते हैं।
दबंग खुलेआम कहते हैं—
बुजुर्ग मजदूर, परिवार भयभीत
पीड़ित सन्नू 72 वर्ष का बुजुर्ग मजदूर है। उसने बताया कि दबंगों ने उसकी जमीन पर फसल भी बो दी है, और पूरे परिवार को गांव से भगाने की धमकी दी जा रही है।
डर के कारण परिवार पलायन को मजबूर हो रहा है।
प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर सवाल
पीड़ित ने बताया कि उसने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, एसडीएम कोर्ट एटा में पैमाइश का मामला लंबित है, लेकिन महीनों बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बड़ा सवाल
क्या भूमाफियाओं को कानून का डर नहीं?
गरीब बुजुर्ग की जमीन भी सुरक्षित नहीं?
आखिर कब होगी प्रशासन की सख्त कार्रवाई?
मुख्यमंत्री से गुहार
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दबंगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई कराकर उसकी जमीन कब्जा मुक्त कराई जाए, ताकि वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके।










