अंतरिक्ष से भारत पर दिखी धुंध की सफेद चादर, IMD ने कहा- 72 घंटे बेहद खतरनाक

Weather Update : पूरे उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जो मौसम के बदलाव का संकेत दे रही है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं का असर शुरू हो गया है, जिसके कारण ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। साथ ही, धीरे-धीरे पूरे उत्तर भारत का तापमान भी गिरने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से बताया है कि ये हवाएं अब उत्तर भारत में पहुंच चुकी हैं। सैटेलाइट से देखने पर यह बादलों का घेरा कोमा के आकार जैसा दिख रहा है, जो आने वाले दिनों में ठंडक और बढ़ने का संकेत है।

मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 22 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। उत्तराखंड में भी कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। पंजाब में 18, 19 और 22 जनवरी को बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं हरियाणा में 19 और 22 जनवरी को वर्षा के संकेत हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 22 जनवरी को हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

पिछले कई दिनों से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में चल रही हाड़कंपाने वाली ठंड और शीतलहर अब कम होने लगी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल सर्दियों की बारिश में 10 से 15 प्रतिशत की कमी देखी गई है, क्योंकि मौसमी सिस्टम थोड़ा कमजोर है। इस बदलाव का असर जल्द ही देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मैदानी इलाकों का घना कोहरा अब उत्तराखंड के पहाड़ों तक भी पहुंच सकता है। इसके लिए उत्तराखंड में 18 जनवरी तक कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, वहीं पंजाब और हरियाणा में 17 जनवरी तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश में भी 20 जनवरी तक घना कोहरा छाया रह सकता है।

क्या इसका असर यात्रा पर पड़ेगा?

खराब मौसम और कोहरे के कारण यात्रा में बाधा आ सकती है। कोहरे की वजह से कई उड़ानें देरी से चल रही हैं या रद्द हो रही हैं। साथ ही, पूरे उत्तर भारत में ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं या बाधित हुई हैं। पहाड़ी इलाकों जैसे उत्तराखंड में पाला (Ground Frost) पड़ने की संभावना भी बनी हुई है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि, 19 जनवरी से मौसम में एक और बदलाव आएगा, जिसके कारण बारिश का सिलसिला और तेज हो सकता है। इन मौसमीय बदलावों को देखते हुए, लोगों को घर के अंदर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लंबे समय से चल रहे सूखे के बाद अब बारिश और बर्फबारी का होना बड़ा बदलाव है, जो निश्चित रूप से राहत और चिंता दोनों का कारण बन सकता है। मौसम अब एक पेंडुलम की तरह हो गया है, जो कभी सूखे का दौर तो कभी भीषण ठंड या बारिश की ओर झुक रहा है।

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