Kanpur: सात साल की बेटी ने देखी मां और प्रेमी की करतूत, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

Kanpur : कानपुर जिले में एक सनसनीखेज हत्या मामले में न्यायपालिका ने 2024 में हुए एक हत्या कांड का फैसला सुनाया है। मेडिकल स्टोर संचालक प्रतीक शर्मा की हत्या में उनकी पत्नी नेहा शर्मा और प्रेमी आयुष शर्मा दोषी पाए गए हैं। अपर जिला जज 20, नीलांजना ने दोनों को उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

मासूम बेटी की बहादुरी से खुला राज
घटना का सबसे नाटकीय पहलू यह रहा कि प्रतीक की सात वर्षीय बेटी मान्या ने कंबल में छिपकर हत्या की पूरी वारदात देखी थी। कोर्ट में उसने बयान दिया कि “मम्मी ने अंकल के साथ मिलकर पापा के पानी में कुछ मिलाया, जिसके बाद पापा सो गए और अचानक उनकी सांसें बंद हो गईं।” इस मासूम की गवाही ने ही अपराध की गुत्थी सुलझाई और आरोपी माता-पिता को दोषी ठहराने में निर्णायक भूमिका निभाई।

घटना का क्रम

  • 6 मार्च 2024: प्रतीक पत्नी नेहा और बच्चों के साथ घर से निकले।
  • 10 मार्च 2024: लखनऊ के होटल में नेहा और आयुष ने प्रतीक को शराब में जहर देकर मार डाला।
  • 12 मार्च 2024: नेहा केवल बच्चों को लेकर घर लौटी और पिता को गुमशुदगी दर्ज कराई।
  • 16 मार्च 2024: नेहा बच्चों को लेकर घर से चली गई।
  • 21 मार्च 2024: प्रतीक के पिता पुनीत शर्मा ने बेटे, बहू और बच्चों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
  • 16 अप्रैल 2024: नौबस्ता थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई।
  • 17 अप्रैल 2024: नेहा और आयुष को गिरफ्तार किया गया।
  • 8 जून 2024: दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल।
  • 21 अगस्त 2024: आरोप तय।
  • 13 जनवरी 2026: दोनों को दोषी करार दिया गया।
  • 16 जनवरी 2026: सजा सुनाई गई।
  • हत्या की कहानी और पुलिस जांच

कानपुर के किदवईनगर निवासी प्रतीक शर्मा का लखनऊ के होटल में जहर देकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी नेहा और आयुष ने प्रतीक की हत्या के बाद शव का अंतिम संस्कार भी खुद किया। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि आयुष शर्मा लंबे समय से प्रतीक के मेडिकल स्टोर के मामलों में गहरे संपर्क में था और धीरे-धीरे घर में भी अपनी पकड़ बना चुका था।

कोर्ट में बच्ची के बयान के अलावा, होटल मैनेजर और अन्य छह गवाहों ने भी घटना की पुष्टि की। होटल मैनेजर ने बताया कि प्रतीक, नेहा और आयुष लखनऊ के होटल के कमरे नंबर 205 में रुके थे। प्रतीक की तबीयत अचानक खराब हुई, तब तक सभी को पता था कि वह जहर पी चुका था।

धमकियाँ और मासूम की हिम्मत

हत्या के बाद नेहा ने अपनी बेटी को धमकाया था कि अगर किसी से पापा के बारे में पूछा तो उसे नुकसान पहुँचाया जाएगा। मासूम ने कोर्ट में बयान दिया कि उसने पूरी घटना छिपकर देखी और यही गवाही साबित हुई कि हत्या नेहा और आयुष की साजिश थी।

पिता की प्रतिक्रिया

प्रतीक के पिता पुनीत शर्मा ने कोर्ट के फैसले पर भावुक होकर कहा, “बेटे के लिए न्याय मिला है, अब उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। बहू ने ही मेरे इकलौते बेटे की हत्या कर दी थी। मेरे लिए इससे बड़ा सदमा कोई नहीं हो सकता। कोर्ट ने न्याय करके मेरी उम्मीदों को जीवित रखा।”

कोर्ट की टिप्पणी

अपर जिला जज ने कहा कि ऐसे मामलों का समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। पति-पत्नी के बीच विश्वास का संबंध टूटता है और समाज में भय और अविश्वास का माहौल बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अपराध विरल नहीं, बल्कि गंभीर प्रकृति का है, इसलिए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

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