पटना : गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, अब यौन हिंसा की जांच करेगी SIT

Patna Girls Hostel : पटना के गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने अपना रुख बदल लिया है। प्रारंभिक जांच में छात्रा के साथ यौन हिंसा से इनकार किया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अब नई जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

इस टीम का नेतृत्व एसपी पूर्वी कर रहे हैं, जिसमें एक एएसपी, दो डीएसपी और चार थानाध्यक्ष शामिल हैं। हालांकि, इस टीम में चित्रगुप्त नगर थाना की महिला थानेदार को शामिल नहीं किया गया है।

नई जांच में एक महिला डीएसपी और एक महिला थानाध्यक्ष को भी शामिल किया गया है। एसआईटी को निर्देश दिया गया है कि घटनाक्रम का जल्द खुलासा करें और आरोपितों को गिरफ्तार करें। एसएसपी इस पूरे मामले की समीक्षा प्रतिदिन करेंगे।

पुलिस ने पहले यौन हिंसा से इनकार किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वे अब इस पहलू को भी गंभीरता से ले रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और छात्रा के मोबाइल की फोरेंसिक जांच के परिणाम का इंतजार है। साथ ही, जांच के लिए अलग-अलग टीमें जहानाबाद भी भेजी जाएंगी, क्योंकि छात्रा वहीं की रहने वाली थी।

छात्रा का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यदि कोई जानकारी डिलीट हुई हो तो उसे रिकवर किया जा सके। पुलिस ने चिकित्सकों की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की दूसरी राय भी ली है, ताकि जांच में कोई भी सवाल न उठ सके।

अब तक की जांच में पता चला है कि छात्रा 26 दिसंबर को अपने घर जहानाबाद गई थी, और 5 जनवरी को पटना जंक्शन पहुंची। वह वहां से 3:34 बजे गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। 6 जनवरी को उसे बेहोशी की हालत में पाया गया और उसे कदमकुंआ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। जब पुलिस को घटना का पता चला, तो स्वजन के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस की जांच में यह भी पाया गया है कि हॉस्टल में 13 कैमरे लगे हैं, जिनमें से 6 से 10 जनवरी के फुटेज देखे जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस कारण से जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है, और विसरा जांच भी कराई जा रही है।

जांच के दौरान कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे छात्रा के कमरे में नींद की दवा कैसे पहुंची, वह जंक्शन से सीधे हॉस्टल कैसे पहुंची, और यदि उसने दवा खरीदी तो वह कहां से लाई। साथ ही, हॉस्टल संचालक ने घटना के दिन पुलिस को सूचित क्यों नहीं किया? बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही क्यों पुलिस ने आत्महत्या का अंदेशा जताया? छात्रा ने अपने मोबाइल पर सुसाइड और नींद की दवा की सर्च क्यों की?

इसके अलावा, छात्रा के स्वजन ने अस्पताल के चिकित्सक और पत्रकार नगर थाने के SHO पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने धमकी दी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने के दौरान उनसे रुपये की पेशकश भी की गई। स्वजन ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, तथा आरोपितों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही है।

यह भी पढ़े : सीतापुर : नकली नोट चलाने गैंग गिरफ्तार, बड़े गिरोह के खुलासे की तैयारी

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें