
- बार एसोसिएशन सीतापुर ने बुलंद की आवाज, मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र
- हैदरगढ़ टोल कर्मियों पर एनएसए लगाने और श्अधिवक्ता सुरक्षा कानूनश् लागू करने की मांग
- खैराबाद टोल प्लाजा को बंद करने की चेतावनी, सीतापुर के वकीलों में भारी आक्रोश
Sitapur : बाराबंकी के हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा किए गए प्राणघातक हमले के विरोध में आज बार एसोसिएशन सीतापुर के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बार एसोसिएशन का कहना है कि 14 जनवरी को हुई यह घटना न केवल एक व्यक्ति पर हमला है, बल्कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया और कानून की गरिमा को चुनौती है। सीतापुर के अधिवक्ताओं ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। मांग पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि टोल कर्मियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए और पुलिस उन्हें केवल एफआईआर की धाराओं में रिमांड पर न ले, बल्कि सख्त रुख अपनाए।
बार एसोसिएशन उठाई गई सात सूत्रीय प्रमुख मांगे
उत्तर प्रदेश में वकीलों के उत्पीड़न और हत्याओं को रोकने के लिए तत्काल श्अधिवक्ता सुरक्षा कानूनश् लागू हो। नियमों के विरुद्ध संचालित खैराबाद टोल प्लाजा को बंद किया जाए, क्योंकि इटौंजा और खैराबाद के बीच की दूरी मात्र 51.4 किमी है, जबकि नियमतः यह 60 किमी होनी चाहिए। राज्य और जिला स्तर पर टोल सुरक्षा समिति का गठन किया जाए, जिसमें बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हों। उत्तर प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं को टोल टैक्स से मुक्त रखा जाए। टोल कर्मियों का पुलिस सत्यापन हो और उन्हें नागरिकों से सभ्य व्यवहार करने का प्रशिक्षण दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार अवस्थी और महासचिव दिनेश कुमार त्रिपाठी समेत वरिष्ठ उपाध्यक्ष इशरत अली खां, कोषाध्यक्ष राम प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार पाण्डेय (दीपक), आशुतोष बाजपेयी, अम्बरीष शुक्ला और कु. आरती राय, संयुक्त सचिव कौशलेंद्र सिंह, सुबोध कुमार और शैलेंद्र कुमार मिश्र, वरिष्ठ कार्यकारिणी के सदस्य पुनीत कुमार शुक्ल, प्रेम रत्न कटियार, भूपेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, विकास वर्मा, आलोक कुमार मिश्र-2 और अतीक खां, कनिष्ठ कार्यकारिणी से राम कृष्ण तिवारी, सविता, बलीग खां, नरेन्द्र चतुर्वेदी, प्रेम नारायण शुक्ल और नेहा कुसुम आदि मौजूद रही।










