
भास्कर ब्यूरो
Bijnor : बिजनौर मुख्यालय पर शुक्रवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के तत्वावधान में जूनियर इंजीनियरों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में उन्होंने ने डीएम जसजीत कोर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में
परीक्षाओं में लगाई जा रही ड्यूटी से उन्हें मुक्त करने की मांग की। महासंघ के सदस्यों ने ज्ञापन में बताया कि जूनियर इंजीनियरों को अक्सर गैर-तकनीकी कार्यों में लगाया जाता है। इनमें प्रशासनिक कार्य और हाई स्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में सेक्टर या स्टैटिक मजिस्ट्रेट के रूप में ड्यूटी शामिल है। ये ड्यूटी अक्सर मुख्यालय से काफी दूरी पर होती हैं। इंजीनियरों ने बताया कि इन ड्यूटी के लिए उन्हें न तो कोई प्रशिक्षण दिया जाता है और न ही यात्रा भत्ता या वाहन उपलब्ध कराया जाता है। उन्हें अपने वेतन से इन खर्चों का वहन करना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जनपद के सभी जूनियर इंजीनियरों को सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कार्य, नहरों का संरक्षण, उनकी सफाई और सड़कों को गड्ढा मुक्त करने जैसे तकनीकी कार्यों को पूरा करना होता है। इसके अतिरिक्त, उन्हें वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग का कार्य भी समय पर निपटाना होता है। गैर-तकनीकी कार्यों में ड्यूटी लगने से उनके मूल तकनीकी कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है।
प्रदर्शन के दौरान, इंजीनियरों ने जिलाधिकारी से मांग की कि जूनियर इंजीनियरों को गैर-तकनीकी और परीक्षा संबंधी ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। इस अवसर पर जनपद सचिव मोहम्मद आरिफ खान, जिला अध्यक्ष आजाद सिंह, लक्खी सिंह, अंकित कपासिया, गौरव चांदी और विपिन कुमार देवेंद्र सहित दर्जनों इंजीनियर उपस्थित थे।










