
- मृतक की पत्नी ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
- जिलाधिकारी ने दिए पुनः गोपनीय जांच के निर्देश
- रसूखदारों पर हत्या की साजिश का आरोप
- पत्नी रश्मि बाजपेई ने पुलिस जांच पर जताया संदेह
Sitapur : जनपद के चर्चित महोली पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड की फाइल एक बार फिर खुलने जा रही है। आज मृतक पत्रकार की पत्नी रश्मि बाजपेई ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर एक भावुक पत्र सौंपा और हत्याकांड की उच्चस्तरीय पुनर्विवेचना की मांग की। सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस प्रकरण पर गोपनीय जांच के कड़े निर्देश दिए हैं।
रश्मि बाजपेई ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पति की हत्या के पीछे जिले के कई सफेदपोश और रसूखदार लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति ने दैनिक जागरण समाचार पत्र के माध्यम से धान खरीद, गन्ना तौल और जमीन घोटालों जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों को प्रमुखता से उजागर किया था। इसी निर्भीक पत्रकारिता के कारण उनकी सोची-समझी साजिश के तहत हत्या कर दी गई। उनका मानना है कि यदि इसमें ऊंची पहुंच वाले लोग शामिल न होते, तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेखौफ होकर इस वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सकता था।
क्या था पूर्व का घटनाक्रम?
गौरतलब है कि 8 मार्च 2025 को महोली तहसील के प्रभारी पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हेमपुर नेरी पुल पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने बाबा शिवानंद उर्फ विकास राठौर, निर्मल सिंह और असलम गाजी को गिरफ्तार किया था। वहीं, पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर संजय तिवारी और राजू तिवारी मारे गए थे। हालांकि, मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने केवल शूटरों तक ही अपनी जांच सीमित रखी, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अब भी आज़ाद घूम रहे हैं।
रश्मि बाजपेई ने पुलिस की मौजूदा जांच पर गहरा संदेह जताते हुए कहा है कि जिले में सक्रिय संगठित गिरोहों ने उनके पति को रास्ते से हटाया है। अब जिलाधिकारी के इस नए रुख के बाद उम्मीद जगी है कि इस हत्याकांड के पीछे छिपे असली चेहरे बेनकाब होंगे। प्रशासन की इस सक्रियता से भ्रष्टाचारियों और अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।










