
योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (वाईएसएस) 10 से 18 जनवरी तक दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में भाग ले रही है। वाईएसएस का स्टॉल नंबर 5, हॉल नंबर 5 में स्थित है, जहाँ बड़ी संख्या में पाठक, साधक और युवा आगंतुक पहुँच रहे हैं।
योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया की स्थापना वर्ष 1917 में महान आध्यात्मिक गुरु परमहंस योगानंद ने की थी। परमहंस योगानंद विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक ग्रंथ Autobiography of a Yogi (योगी कथामृत) के लेखक भी हैं, जिसने पूर्व और पश्चिम—दोनों में योग, ध्यान और आत्म-साक्षात्कार के संदेश को व्यापक पहचान दिलाई।
विश्व पुस्तक मेले में वाईएसएस की सहभागिता का उद्देश्य परमहंस योगानंदजी की दिव्य ज्ञान-परंपरा को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाना है। स्टॉल पर उपलब्ध साहित्य आत्म-विकास, ध्यान, मानसिक संतुलन और आंतरिक शांति की दिशा में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।
यह देखना अत्यंत हर्षजनक है कि युवाओं में आध्यात्मिक शिक्षाओं के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। अनेक आगंतुकों ने साझा किया कि वे संतुलित जीवन जीने, दैनिक तनावों से निपटने तथा स्थायी आनंद की खोज के लिए विश्वसनीय मार्गदर्शन की तलाश में हैं।
वाईएसएस स्टॉल का मुख्य आकर्षण निर्देशित ध्यान कोना (गाइडेड मेडिटेशन कॉर्नर) है, जिसे आगंतुकों से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। यहाँ लोग पूरे मनोयोग से ध्यान सत्रों में भाग ले रहे हैं। कई प्रतिभागियों ने आँखें बंद कर दोहरी श्वास (डबल ब्रीदिंग) का अभ्यास किया और दिए गए निर्देशों के अनुसार सकारात्मक प्रतिज्ञापन (अफर्मेशन्स) दोहराए। इस दौरान उनकी गहन तल्लीनता और एकाग्रता सहज ही दृष्टिगोचर होती है।
पुस्तकों के अतिरिक्त, जीवन जीने की कला पर आधारित पुस्तिकाएँ तथा अन्य परिचयात्मक साहित्य भी आगंतुकों के लिए उपलब्ध हैं, जो योगानंदजी की शिक्षाओं को सरल और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करते हैं।
उल्लेखनीय है कि योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया का दिल्ली–एनसीआर आश्रम सेक्टर-62, नोएडा में स्थित है। इसके साथ ही संस्था के ध्यान केंद्र दिल्ली के गोल मार्केट तथा गुरुग्राम (सेक्टर-40) में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद (एन.आई.टी.) और टैगोर गार्डन, नई दिल्ली में उप-ध्यान केंद्र भी कार्यरत हैं।
समग्र रूप से, विश्व पुस्तक मेले में वाईएसएस की उपस्थिति सच्चे सत्य-साधकों के लिए परमहंस योगानंदजी की जीवन-परिवर्तनकारी शिक्षाओं को जानने और समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है। मेले की चहल-पहल के बीच यह स्टॉल शांत चिंतन, आत्म-संवाद और आंतरिक शांति के लिए एक प्रेरणादायी स्थल के रूप में उभर कर सामने आया है।
अधिक जानकारी के लिए पाठक योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं: www.yssofindia.org














