
Shimla : शिमला जिले के ठियोग क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। नए साल के पहले पखवाड़े में लगातार हो रही बरामदगियों के बीच यह मामला सामने आया है। इसने एक बार फिर इलाके में चिट्टे के बढ़ते कारोबार पर सवाल खड़े किए हैं। मामले के अनुसार बुधवार की शाम पुलिस थाना ठियोग को सूचना मिली थी कि कोटखाई निवासी अभिलाष पैदल नंगल देवी की ओर से ठियोग की तरफ आ रहा है और उसके पास चिट्टा मौजूद है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएसआई रंजय सिंह अपनी टीम के साथ नाकाबंदी के लिए रवाना हुए और शाम करीब पौने सात बजे राही घाट बाइपास (जीरो प्वाइंट) पर मोर्चा संभाल लिया। करीब सवा सात बजे एक व्यक्ति नंगल देवी की तरफ से पैदल आता दिखाई दिया, जिसे पुलिस ने रोका।
पूछताछ में उसने अपना नाम अभिलाष पुत्र राजनिश निवासी गांव सहडोली, डाकघर कोकुनाला तहसील कोटखाई जिला शिमला बताया। पुलिस को वह व्यक्ति गुप्त सूचना में बताए गए हुलिए से मेल खाता मिला। इसके बाद उसे सूचना के बारे में अवगत कराया गया। शाम करीब आठ बजे एसडीपीओ ठियोग सिद्धार्थ शर्मा भी मौके पर पहुंचे। पूछताछ के बाद उनके निर्देश पर आरोपी की व्यक्तिगत तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक पारदर्शी पॉलिथीन बरामद हुई, जिसमें हल्के भूरे रंग का गांठनुमा पदार्थ था। पुलिस के अनुभव के आधार पर उसे चिट्टा (हेरोइन) पाया गया। बरामद पदार्थ को सरकारी तराजू से तौला गया और इसका कुल वजन 13.500 ग्राम निकला। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पुलिस थाना ठियोग में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने गुरूवार को बताया कि नए साल के केवल 15 दिनों में जिले में अब तक 36 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से करीब 90 प्रतिशत मामले चिट्टा से जुड़े हुए हैं।










