ईरान में फंसे भारतीय कश्मीरी छात्र, पीएम मोदी व विदेश मंत्री से मांगी मदद, इंटरनेट बंद होने से टिकट भी नहीं हो रही

  • कश्मीरी छात्रों के माता-पिता ने केंद्र सरकार से अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की अपील

नई दिल्ली। ईरान में हालात नाजुक हो चुके हैं। ईरान में एयरस्पेस बंद कर दिए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर वहां पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों पर पड़ रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय, खासकर कश्मीर के छात्र शामिल हैं। छात्रों की सुरक्षा को लेकर परिजन बेहद चिंतित हैं। एक तरफ ईरानी सत्ता के खिलाफ कई दिनों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर संभावित हमले के बयान ने मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ा दी है।

ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर उनके परिजन बेहद चिंतित हैं। हालात बिगड़ने के साथ ही छात्रों के परिवारों को किसी अनहोनी का डर सताने लगा है। इस चिंता के बीच ईरान में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों के माता-पिता ने केंद्र सरकार से अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की अपील की है।
श्रीनगर के प्रेस एन्क्लेव में एकत्र हुए अभिभावकों ने केंद्र सरकार से तत्काल दखल की मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में छात्रों का वहां रहना सुरक्षित नहीं है और सरकार को जल्द से जल्द उनकी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।

एक अभिभावक ने मीडिया से बातचीत में कहा, हम प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से अपील करते हैं कि हमारे बच्चों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
अभिभावकों ने यूक्रेन और अन्य संकटग्रस्त देशों से पहले किए गए सफल रेस्क्यू ऑपरेशनों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की क्षमता पर भरोसा जताया। उनका कहना है कि सरकार ने पहले भी मुश्किल हालात में छात्रों को सुरक्षित निकाला है और इस बार भी वही कदम उठाए जाने चाहिए।

माता-पिता का कहना है कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में पढ़ाई कर रहे छात्रों को खुद ही देश छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास की ओर से छात्रों से अपने माता-पिता से संपर्क करने और यात्रा की व्यवस्था खुद करने को कहा गया है।

हालांकि, अभिभावकों का कहना है कि मौजूदा हालात में यह आसान नहीं है। ईरान में इंटरनेट और संचार सेवाओं पर पाबंदियों के चलते छात्रों से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है। कई माता-पिता ने बताया कि वे ISD कॉल के जरिए किसी तरह अपने बच्चों से बात कर पा रहे हैं, लेकिन यह संपर्क भी बहुत सीमित है।

एक कश्मीरी छात्र की मां ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ईरान में इंटरनेट बंद होने की वजह से यात्रा टिकट भेजना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने कहा, अगर हम टिकट बुक भी कर लेते हैं, तो इंटरनेट बंद होने की वजह से बच्चों तक उसे पहुंचाना मुश्किल है। ऐसे हालात में छात्रों का खुद से यात्रा करना लगभग नामुमकिन है।

अभिभावकों का कहना है कि ऐसे संकट के समय व्यक्तिगत स्तर पर व्यवस्था करने के बजाय सरकार को आधिकारिक तौर पर छात्रों की निकासी करनी चाहिए, जैसा पहले किया गया था। एक अन्य चिंतित अभिभावक ने कहा कि सरकार को देर किए बिना ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, हम बहुत चिंतित हैं और चाहते हैं कि सरकार बच्चों की उसी तरह सुरक्षित निकासी करे, जैसे उसने पहले संकट के समय की थी।

यह भी पढ़े : Mathura : बांकेबिहारी मंदिर में पंडा ने बनाएं युवतियों के अश्लील वीडियो, पीड़िता ने खोली ब्लैकमेलिंग की पोल

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें