IAS डॉ. आशीष गोयल एसीएस ने शाहजहांपुर के ईएक्सईएन को निलंबित किया

UPPCL : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने सख्त रूख अपनाते हुए पिछले साल नवंबर में शाहजहांपुर में हुई दुर्घटना पर अधिशासी अभियंता को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रकरण में अवर अभियंता और सहायक अभियंता को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

बिजली दुर्घटना होने पर अधिशासी अभियंता निलंबित किए जाएंगे: शाहजहांपुर के जलालाबाद में नवंबर में अनुरक्षण कार्य के दौरान संविदा कर्मी की करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। समीक्षा बैठक में उन्होंने पूछा कि अधिशासी अभियंता को क्यों छोड़ दिया गया? सुरक्षा उपकरण पहने बिना कार्य क्यों कराया गया? इस संदर्भ में पहले ही निर्देश जारी किए गए हैं कि जहां भी विद्युत दुर्घटना होगी, वहां अधिशासी अभियंता पर भी कार्रवाई होगी।

यूपीपीसीएल चेयरमैन ने शाहजहांपुर के अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता को भी इस प्रकरण में नियम 10 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विद्युत दुर्घटनाएं रोकनी हैं, इसके लिए ‘जीरो टालरेंस’ की नीति है। बिना सुरक्षा उपकरण पहने कोई भी अनुरक्षण कार्य नहीं कराया जाएगा। यदि कहीं भी दुर्घटना होती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनुरक्षण कार्यों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से पहनें और इसकी सोशल मीडिया पर भी प्रचार करें।

चेयरमैन ने प्रगति न होने और खराब प्रदर्शन को लेकर प्रयागराज के अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता, मेरठ-1 के मुख्य अभियंता, अलीगढ़ के मुख्य अभियंता को शो-कॉज नोटिस देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बांदा और झांसी में खराब राजस्व वसूली को लेकर जेई, एसडीओ, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता को नोटिस और एडवर्स इंन्ट्री जारी करने का भी निर्देश है। अध्यक्ष ने कहा कि बिल वसूली में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी वसूली कम होगी, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. आशीष गोयल ने कहा है कि 1 दिसंबर 2025 से पूरे प्रदेश में शुरू हुई बिजली बिल राहत योजना का उपभोक्ताओं का समर्थन मिल रहा है, लेकिन अभी और अधिक मेहनत की आवश्यकता है। सभी वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि अपने-अपने क्षेत्रों में योजना के पात्र उपभोक्ताओं का पंजीकरण कराकर बकाया राशि जमा कराएं। प्रत्येक उपभोक्ता से संपर्क करें, फोन करें और व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क कर योजना का लाभ लेने के लिए सहमत करें।

अध्यक्ष ने कहा कि बिजली चोरी के मामलों में योजना के माध्यम से मुकदमा और एफआईआर का निस्तारण कराएं। कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बचें।

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