
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में बढ़ती मौतों पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने नियमों को और सख्त कर दिया है। अब दोपहिया वाहन (बाइक और स्कूटी) पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, यदि चालक या पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट नहीं पहनता है तो 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।
डीलरों को दो हेलमेट देना होगा अनिवार्य
नए आदेश के तहत अब दोपहिया वाहन डीलरों को बाइक या स्कूटी बेचते समय चालक और सहचालक के लिए आईएसआई मार्का दो हेलमेट देना अनिवार्य होगा। हालांकि, दोनों हेलमेट की कीमत वाहन खरीदने वाले को ही चुकानी होगी।
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बुधवार को इस संबंध में प्रदेश के सभी वाहन डीलरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि डीलरों को यह प्रमाण भी देना होगा कि वाहन के साथ दो हेलमेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिसे वाहन पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे पहले एक हेलमेट न देने पर वाहन बिक्री पर रोक का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।
पीछे बैठने वालों में हेलमेट पहनने की आदत नहीं
परिवहन आयुक्त ने कहा कि आमतौर पर पीछे बैठने वाले लोग हेलमेट नहीं पहनते, जिससे हादसों में गंभीर चोट और मौत का खतरा बढ़ जाता है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने सभी राज्यों को हेलमेट नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
हेलमेट न पहनना हादसों की बड़ी वजह
परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में सड़क हादसों में मौतों की प्रमुख वजह चालक और सहचालक का हेलमेट न पहनना है। मोटर यान अधिनियम के तहत पहले ही चालक और सहचालक के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जा चुका है। नियम तोड़ने पर 1000 रुपये जुर्माना और तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान है।
देशभर में चिंताजनक आंकड़े
सुप्रीम कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2025 को एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान हेलमेट न पहनने से हो रही मौतों पर गंभीर चिंता जताई थी। ‘रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया-2023’ रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल सड़क हादसों में से लगभग 45 प्रतिशत हादसे दोपहिया वाहनों से जुड़े थे। इनमें 54,568 लोगों की मौत हुई, जो कुल सड़क दुर्घटना मौतों का करीब 70 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहिया वाहन हादसों में अधिकांश मौतें हेलमेट न पहनने की वजह से होती हैं। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने अब नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।










