
लखनऊ : बसपा मुख्यालय पर गुरुवार को पार्टी सुप्रीमो मायावती अपना जन्मदिन मनाने पहुंचीं। उनके साथ भतीजे आकाश और भाई आनंद भी मौजूद रहे। आकाश ने पैर छूकर अपनी बुआ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मायावती ने कहा कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव बसपा अपने दम पर लड़ेगी और किसी के साथ गठबंधन नहीं होगा।
मायावती ने सभी को नए साल की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज 15 जनवरी को पूरे देश में बीएसपी के लोग उनका जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में सादगी से मनाते हैं। बीएसपी की चार बार सरकार में शुरू की गई जनहित की योजनाओं को जनता तक पहुँचाया जाता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और अन्य विरोधी पार्टियों की जनविरोधी नीतियों को भी जनता के सामने रखा जाता है। बसपा की जनहित योजनाओं को केंद्र और राज्य सरकार ने नाम और रूप बदलकर तो जारी रखा है, लेकिन वह उतना प्रभावी नहीं हैं।
मायावती ने कहा कि मरते दम तक मैं अपने लोगों के लिए संघर्ष करती रहूंगी। हमारी सरकार जरूर बनेगी, बशर्ते ईवीएम हमारे लिए मुसीबत न बने। उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कहा कि सभी पार्टियों के ब्राह्मण समाज ने भाजपा सरकार में अपनी उपेक्षा जताई है। बसपा ने ब्राह्मण समाज को राजनीतिक महत्व दिया था। अब ब्राह्मण समाज को किसी का “बाटी-चोखा” नहीं चाहिए, उन्हें उनका हक मिलना चाहिए। BSP की सरकार बनने पर ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जाट समाज के युवकों को पुलिस में बिना किसी भेदभाव के भर्ती किया गया था। हमारी सरकार ने कभी मंदिर, मस्जिद या चर्च को नुकसान नहीं पहुँचने दिया। सपा के शासनकाल में गुंडों और माफिया का राज चलता रहा और सिर्फ अपने लोगों को छोड़कर हर वर्ग के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने जून के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वह दिन हमेशा याद रहेगा। सपा के PDA पर भी निशाना साधा। बसपा सरकार ने यादव समाज का पूरा ख्याल रखा और आगे भी रखेगी।
मायावती ने फिर कहा कि किसी भी पार्टी से बसपा गठबंधन नहीं करेगी। उनका कहना था कि बसपा को हमेशा गठबंधन से नुकसान हुआ है। दलित वोट तो ट्रांसफर हो जाते हैं, लेकिन अन्य पार्टियों के वोट बसपा को नहीं मिलते। यूपी में बसपा अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी, इसमें किसी को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आगे चलकर जब पूरा भरोसा होगा कि अपेर कॉस्ट वोट हमारी पार्टी को ट्रांसफर होंगे, तभी गठबंधन के बारे में सोचा जा सकता है। हालांकि, इसमें वर्षों लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि सपा का PDA देखते रहेंगे, लेकिन इस बार हर वर्ग का वोट बसपा को ही मिलेगा।










