
नोएडा : नोयडा में साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर भारतीय युवाओं को साइबर अपराध के दलदल में धकेलने वाले गिरोह से जुड़े शातिर बदमाश को बीती रात को गिरफ्तार किया है। आरोपित की गिरफ्तारी जनपद शामली से हुई। इस संबंध में बीते दिनों एक युवक ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी । आरोपित से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) शैव्या गोयल ने बताया कि भारतीय युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर उन्हें थाईलैंड और फिर म्यांमार भेजने वाले आरोपी शुभम पुंडीर को शामली से गिरफ्तार किया गया है।आरोपी अब तक देश के विभिन्न राज्यों के कम से कम छह युवाओं को अपने जाल में फंसाकर विदेश में बैठे साइबर अपराधियों के हवाले कर चुका है। उन्होंने बताया कि नोएडा के सेक्टर-73 निवासी एक युवक ने 12 जनवरी को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने शिकायती पत्र के माध्यम से बताया था कि इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान एक युवक शुभम से हुई थी। उसने खुद को विदेश में नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताया था। आरोपी ने थाईलैंड में डाटा एंट्री की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 80 हजार रुपये लिए और एयर टिकट की व्यवस्था कर उसे थाईलैंड भेज दिया। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन थाईलैंड पहुंचते ही उसको कुछ लोगों ने कब्जे में ले लिया और उसे म्यांमार ले जाकर साइबर स्लेवरी में धकेल दिया।
युवक का आरोप है कि म्यांमार में उसे शारीरिक और मानसिक दबाव में रखकर साइबर ठगी के काम में लगाया गया। वहां मौजूद साइबर अपराधी गिरोह उससे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिंडर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया के अलग-अलग देशों के लोगों को मैसेज भिजवाते। इन मैसेज के जरिए दोस्ती, निवेश और भावनात्मक संबंधों का झांसा देकर विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी कराई जाती। काम से इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की जाती। रेस्क्यू के बाद पीड़ित को भारत लाया गया था। युवक की लिखित तहरीर पर आरोपी शुभम पुंडीर के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज हुआ और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम बनी। टीम ने बीती रात को आरोपी शुभम को उसके निवासी स्थान शामली के जलालपुर गांव से गिरफ्तार किया है।उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने नवंबर माह में म्यांमार में इस तरह से फंसे 360 भारतीयों को मुक्त करवाया था। उनको वापस देश लाया गया था।
उन्होंने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर विदेश में नौकरी का विज्ञापन डालता था। इसमें थाईलैंड में डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा महीने का वेतन, रहना और खाना फ्री का पैकेज बताया जाता था। संपर्क करने वाले युवाओं से आरोपी अलग-अलग जगहों पर इंटरव्यू के नाम पर मिलता था। फिर 80 हजार रुपये से लेकर उक लाख रुपये फीस के नाम पर लेता था और बदले में थाईलैंड का टिकट देता था। जिस पीड़ित युवक की शिकायत पर आरोपी की गिरफ्तारी हुई है वह जुलाई 2025 में थाईलैंड गया था और उसे नवंबर में भारत सरकार वहां की सरकार के सहयोग से मुक्त करवाकर लाई थी। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी शुभम पुंडीर ने पूछताछ में कई सवालों के जवाब नहीं दिए। जिन युवकों को आरोपी ने अब तक विदेश भेजा है, पुलिस अब उनके परिजनों से संपर्क कर रही है। युवकों की जानकारी संबंधित राज्यों की पुलिस और भारत सरकार के साथ भी साझा की जाएगी। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। उसके बैंक खातों की जांच शुरू हो गई है। विदेश से कितनी रकम और कैसे आई, इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है। विदेश में बैठे साइबर अपराधियों से शुभम का संपर्क कैसे हुआ, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया। पहले से कई मामले दर्ज पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कोई साधारण बदमाश नहीं, बल्कि एक शातिर साइबर अपराधी है। अब तक आरोपी के खिलाफ यूपी और महाराष्ट्र में तीन केस दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी, साइबर स्लेवरी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से जुड़ा है।
एडिशनल डीसीपी साइबर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने कई अन्य ऐसे आरोपियों के नाम बताए हैं, जो उसी की तरह काम करते हैं और नौकरी के बहाने युवकों को विदेश भेजकर ठगों के चंगुल में फंसाते हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित कर दी गई है, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साइबर स्लेवरी का जाल कई राज्यों में फैला हुआ है। अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े कई आरोपियों की गिरफ्तारी पूर्व में भी विभिन्न राज्यों की पुलिस कर चुकी है। नोएडा पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाले विदेशी नौकरी के लुभावने ऑफर से सावधान रहें। पूरी जांच के बाद ही विदेश जाएं।











