Sitapur : 1.84 लाख मतदाताओं पर मंडराया संकट, ‘नो मैपिंग’ श्रेणी वालों को नोटिस जारी

  • 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट से गायब है पारिवारिक रिकॉर्ड
  • अधिकारी/बीएलओ घर-घर जाकर मांगेंगे साक्ष्य
  • पहचान साबित नहीं करने पर कट सकता है मतदाता सूची से नाम

Sitapur : जनपद सीतापुर की मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस प्रक्रिया के दौरान एसआईआर जांच में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। जिले के लगभग 1,84,488 मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनकी ‘मैपिंग’ नहीं हो सकी है। आसान शब्दों में कहें तो इन मतदाताओं का विवरण वर्ष 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट से तो लिया गया है, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी के साथ उनके संबंध का कोई भी डिजिटल या दस्तावेजी रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम नितीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आज से ही इन सभी 1.84 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नोटिस में संबंधित निर्वाचन अधिकारी तथा स्थान और तिथि का स्पष्ट उल्लेख होगा, जिसके तहत उक्त नो मैपिंग वोटर को निर्धारित तिथि पर दिए गए स्थान पर पहुंचकर वहां मौजूद अधिकारी से मिलना होगा तथा अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।

यह अभियान केवल कागजी नोटिस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बीएलओ भी स्वयं इन मतदाताओं के दरवाजे पर दस्तक देंगे। मतदाताओं के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे बीएलओ को अपनी पहचान और पारिवारिक संबंधों से जुड़े पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध कराएं। यदि कोई मतदाता साक्ष्य देने में विफल रहता है या उसका पता नहीं मिलता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।

जिला निर्वाचन कार्यालय का उद्देश्य इस प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित करना है कि जिले का हर वैध मतदाता ही सूची में रहे और उसका पूरा रिकॉर्ड विभाग के डेटाबेस में सुरक्षित हो। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र के बीएलओ का सहयोग करें और आवश्यक दस्तावेज दिखाकर अपना लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रखें।

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