संभल हिंसा मामला: पुलिस पर FIR के आदेश पर बोले पूर्व सांसद एस.टी. हसन, बोले- अदालत पर पूरा भरोसा, सच सामने आएगा

संभल : हिंसा मामले में पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अदालती आदेश को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में पूर्व सांसद एस.टी. हसन का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पूरा मामला न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है और अदालत ने जो भी आदेश दिया है, वह साक्ष्यों के आधार पर ही दिया गया होगा।

एस.टी. हसन ने कहा कि हम हिंदुस्तान के लोग हैं और हमें अपनी न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। भारत कोई अंधेर नगरी नहीं है; यहां सच को सामने आने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने दो टूक कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही यह तय होगा कि दोषी कौन है और निर्दोष कौन।

पूर्व सांसद ने घटना के समय के वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि वे वीडियो पूरी दुनिया ने देखे हैं। उनके अनुसार न तो आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, न रबर बुलेट चलाई गई, और न ही हवा में फायरिंग हुई। उन्होंने दावा किया कि एक वीडियो ऐसा भी सामने आया था जिसमें सीधे भीड़ पर रिवॉल्वर से गोली चलाते हुए व्यक्ति को देखा गया।

एस.टी. हसन ने कहा कि जब सबूत खुलेआम मौजूद हैं, तो सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। “दूध का दूध और पानी का पानी जरूर होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट जाने का पूरा अधिकार है और विभाग अपने स्तर से संबंधित सीओ को निर्दोष साबित करने की पूरी कोशिश करेगा।

अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले न्यायिक प्रक्रिया को पूरा होने देना चाहिए। कानून अपना काम करेगा और उसी के जरिए सच्चाई सामने आएगी। ऐसा कहते हुए उन्होंने मामले को पूरी तरह अदालत पर छोड़ने की बात कही।

संभल हिंसा प्रकरण में यह बयान ऐसे समय आया है जब पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और मामला अब पूरी तरह न्यायिक जांच के दायरे में आ चुका है।

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