
सीतापुर : जनपद के पिसावां थाना क्षेत्र के भिठौरा गांव स्थित मढ़ी में दफन किए गए राम जानकी मंदिर के संत रघुवीर दास का शव शुक्रवार को प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
शव मजिस्ट्रेट/एसडीएम देवेंद्र मिश्रा, नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह, थाना प्रभारी पिसावां वीरेंद्र सिंह तोमर, एसआई कुतुबनगर चौकी प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह की मौजूदगी में कब्र से निकलवाया गया। इस दौरान गांव सहित आसपास के क्षेत्र से सैकड़ों लोग मौके पर मौजूद रहे।
बताया जाता है कि भिठौरा गांव स्थित राम जानकी मंदिर के संत रघुवीर दास का निधन 10 अक्टूबर को हुआ था। उनके निधन के बाद क्षेत्र, अयोध्या एवं नैमिषारण्य से बड़ी संख्या में संत पहुंचे थे। संत रघुवीर दास के साकेतवासी शरीर को मंदिर परिसर में व्यास गद्दी के समीप दफनाया गया था। इसके बाद 26 अक्टूबर को भंडारे का आयोजन हुआ और बड़ी छावनी अयोध्या के जय राम दास को गद्दीधर नियुक्त किया गया।

बताया जा रहा है कि राम जानकी मंदिर के पास लगभग 250 बीघा भूमि है। इसी को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। संत माधव दास ने मामले में आपत्ति दर्ज कराते हुए कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर धारा 156(3) के तहत 29 दिसंबर को पिसावां थाने में राम सरन, मन्नू, ससुरदीपुर निवासी राम भूषण दास (भिठौरा), मनमोहन दास (बड़ी छावनी, नैमिष) एवं दिन्नू मिश्रा (मोहम्मदापुर) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसी क्रम में शुक्रवार को बाबा रघुवीर दास का शव सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में कब्र से बाहर निकाला गया। इस अवसर पर बाबा माधव दास ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि संत रघुवीर दास स्वयं को इंजेक्शन लगाया करते थे और उन्हें आशंका है कि बीमारी के दौरान लगाए गए इंजेक्शन से उनकी मृत्यु हुई हो सकती है। उन्होंने बताया कि वह मृतक संत रघुवीर दास के गुरु भाई हैं।
एसडीएम देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बाबा माधव दास द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर शव बाहर निकलवाया गया है। शव को जांच के लिए पोस्टमार्टम भेजा जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।











