
नई दिल्ली। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने फैज-ए-इलाही मस्जिद का अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थर फेंके के मामले में 5 आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बता दें कि जुडिशियल मजिस्ट्रेट सायेशा चड्ढा ने जमानत याचिका 14 जनवरी को फैसला सुनाने का आदेश दिया। तीस हजारी कोर्ट ने 8 जनवरी को पांचों आरोपियों को 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
कोर्ट ने जिन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था, वे मोहम्मद अरीब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर को पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ चांदनी महल थाने में प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक एक नाबालिग समेत 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की है। दिल्ली पुलिस ने 8 जनवरी को छह और लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनमें अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबेद शामिल हैं। ये सभी तुर्कमान गेट इलाके के रहने वाले हैं। बता दें कि 7 और 8 जनवरी की दरम्यानी रात को रामलीला मैदान इलाके के पास फैज ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई थी। अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया था। इस पथराव में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गये थे। घायल पुलिसकर्मियों में इलाके के एसएसओ भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, एक सोशल मीडिया पोस्ट किया गया था कि तुर्कमान गेट के सामने की मस्जिद को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में गिराया जा रहा है, जिसके बाद लोग वहां जमा होने लगे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ से दौ सौ लोग अतिक्रमण हटाने गए अमले पर पत्थर बरसाने में शामिल थे।















