
- जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण तक उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों की ऐतिहासिक मौजूदगी
लखनऊ : देश की राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को आयोजित होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतें ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराएंगी। प्रदेश से चयनित 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को राष्ट्रीय समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ये प्रधान अपने जीवनसाथी अथवा अभिभावकों के साथ इस गरिमामय आयोजन में शामिल होंगे।
ग्राम स्तर पर किए गए उत्कृष्ट विकास कार्य, पारदर्शी प्रशासन और जनभागीदारी की मजबूत मिसालों की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर सुनाई देगी। गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों को मिला यह आमंत्रण प्रदेश की सशक्त पंचायती राज व्यवस्था का प्रमाण है, साथ ही जमीनी स्तर पर हो रहे सकारात्मक बदलावों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी है।

पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्तर प्रदेश की 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को राष्ट्रीय परेड में विशेष अतिथि के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, केन्द्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल जी द्वारा संस्तुत 20 विशिष्ट अतिथि तथा राज्य व जनपद स्तर के नोडल अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए उत्तर प्रदेश से कुल 93 प्रतिभागी इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करेंगे।

यह सहभागिता दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतें अब केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर जी ने कहा कि गांवों की मेहनत, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
यह उपलब्धि पंचायत प्रतिनिधियों के समर्पण और विकास को जन-आंदोलन बनाने के प्रयासों का परिणाम है।
वहीं, निदेशक पंचायती राज विभाग अमित कुमार सिंह जी ने कहा कि विभाग द्वारा पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर क्षमता निर्माण, पारदर्शिता और नवाचार पर कार्य किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस परेड में पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति यह प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश की पंचायतें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सशक्त भागीदार बन चुकी हैं।










