
Basti : मंगलवार को बनकटी विकास खंड में प्रशासनिक गतिविधियां उस समय तेज हो गईं, जब मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने बिना पूर्व सूचना ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण किया। सीडीओ के आगमन के साथ ही कार्यालयों में व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू की गई और संबंधित अधिकारियों से कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई।
निरीक्षण की शुरुआत ब्लॉक सभागार से हुई, जहां फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी एक बैठक आयोजित की जा रही थी। इस दौरान कृषि विभाग के एडीओ (एग्रीकल्चर) सुरेंद्र कुमार और दिलीप विश्वकर्मा पंचायत सहायकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आवश्यक मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग के संबंध में मार्गदर्शन दे रहे थे। सीडीओ ने बैठक की कार्यवाही को देखा और पंचायत सहायकों से सीधे संवाद कर योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी संचालन की आवश्यकता पर बल दिया।
सीडीओ ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार की “स्वच्छता से समृद्धि अभियान” योजना के तहत बस्ती जिले को मॉडल जनपद के रूप में चुना गया है। इसके अंतर्गत जिले के 150 गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को व्यवस्थित रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को प्लास्टिक वेस्ट के पृथक्करण से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बनकटी विकास खंड की 10 ग्राम पंचायतों को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है, जहां डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था संचालित की जा रही है। इसके उपरांत सीडीओ ने चयनित ग्राम पंचायत बांसगांव उर्फ खजुही पहुंचकर वहां किए जा रहे विकास एवं स्वच्छता कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय, आरोग्य मंदिर, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, पानी की टंकी और सेग्रीगेशन आरसीसी सेंटर की व्यवस्थाओं को देखा गया। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने चल रहे कार्यों को संतोषजनक बताया और व्यवस्थाओं की सराहना की।
निरीक्षण के समय ग्रामीणों ने सीडीओ को बताया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवकुमार चौधरी द्वारा प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) के बच्चों को निजी संसाधनों से निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इस पर प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि आर्थिक अभाव के चलते वे स्वयं शिक्षा पूरी नहीं कर सके, इसलिए बच्चों को बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। सीडीओ ने इस प्रयास को सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताते हुए अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरक बताया।
निरीक्षण के समापन पर सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी भवानी प्रसाद शुक्ल, एडीओ पंचायत आशुतोष पटेल, ग्राम सचिव सतेंद्र चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।










