
- सीतापुर में 9 जनवरी से लापता थे अटल बिहारी वाजपेयी, रजिस्ट्री दफ्तर में खुला राज
- विरोध करने पर बेटे को भी बेरहमी से पीटा, क्षेत्राधिकारी ने दिए जांच के आदेश
Sitapur : सीतापुर जिले के मिश्रिख में कानून को ठेंगे पर रखने वाले दबंगों का एक सनसनीखेज कारनामा सामने आया है। करखिला गाँव की रहने वाली सुधा बाजपेयी ने अपने पति के अपहरण और जबरन बैनामा कराने का आरोप लगाकर पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मचा दी है। सुधा का सीधा आरोप है कि कस्बा मिश्रिख के रहने वाले अजीत और लखनऊ के दिनेश वर्मा ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रची और उनके घर की खुशियां छीन लीं।
बंधक बनाकर कराई गई गाटा संख्या 469 की रजिस्ट्री
मामले की दास्तां किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। सुधा के पति अटल बिहारी वाजपेयी बीते 9 जनवरी से अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। बिलखते परिजनों ने रिश्तेदारों से लेकर हर संभावित जगह खाक छानी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इस सस्पेंस से पर्दा तब उठा जब सोमवार को यह जानकारी मिली कि दबंगों ने उन्हें बंधक बनाकर रखा था।
आरोप है कि इन दबंगों ने उन्हें जबरन तहसील ले जाकर गाँव की कीमती जमीन (गाटा संख्या 469) की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। सुधा ने अपने बयान में बताया कि बैनामा कराने के बाद भी आरोपी टस से मस नहीं हुए और उनके पति को फिर से जबरन गाड़ी में लादकर अपने साथ ले गए।
बेटे को पीटा, क्षेत्राधिकारी ने लिया संज्ञान
जुल्म की इंतहा तब हो गई जब पीड़ित के बेटे ने अपने पिता को बचाने और इस ज़्यादती का विरोध करने की कोशिश की। आरोप है कि दबंगों ने दबंगई दिखाते हुए सरेआम उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़ित महिला ने वीडियो के माध्यम से अपना दर्द बयां किया और क्षेत्राधिकारी मिश्रिख नेहा त्रिपाठी को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी नेहा त्रिपाठी ने साफ़ कर दिया है कि पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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