
Jalaun : सीवर पाइप चोक हो जाने पर जिलाधिकारी ने जलकल संस्थान को पाइपलाइन बदलने का आदेश दिया था। इसके बाद जल संस्थान ने स्टीमेट बनाकर पालिका परिषद को सौंप दिया, लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बावजूद पालिका परिषद ने न तो कोई टेंडर निकाला और न ही जिलाधिकारी के आदेश का पालन किया। जिसके कारण आज तक मोहल्लेवासी सीवेज की बदबू से घुट-घुटकर जीने को मजबूर हैं।
मामला मुहल्ला पटेल नगर का है, जहां मुख्य बाजार वाली गली और चंदकुआँ के बीच लगभग बीस मीटर लंबाई का सीवेज पाइप चोक है। इसे कई बार साफ किया गया, लेकिन चोक पाइप खुल नहीं सका। इस संबंध में लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व तहसील दिवस में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिस पर डीएम ने जल संस्थान को चोक पाइपलाइन बदलने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में जल संस्थान ने स्टीमेट बनाकर पालिका परिषद को सौंपा।
लेकिन मदमस्त पालिका परिषद ने जनहित की इन समस्याओं को न समझते हुए न तो कोई टेंडर निकाला और न ही जिलाधिकारी के आदेश का पालन किया। इस वजह से अशोक अग्रवाल (बीड़ी बालों के घर) से लेकर रवि गोयल के घर तक रहने वाले लोग, सीवेज टेक्स देने के बावजूद, सीवेज की बदबू में घुट-घुटकर जीने को मजबूर हैं।
इस संबंध में मुहल्लेवासियों ने सोमवार को उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह को पत्र देकर अपनी पीड़ा सुनाई और तत्काल समाधान की मांग की। इस दौरान शांतनु यादव, छोटू टाइगर, नरेंद्र कुमार, प्रशांत, सरोज, अखलेश चचोदिया, अमर अग्रवाल, महेंद्र लोहिया, गिरीश कुमार चौरसिया, शिवम अग्रवाल सहित तमाम मुहल्लेवासी मौजूद रहे।











