
- स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयाेजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री -पूरी दुनिया देख रही विश्व गुरु बनने की ओर से अग्रसर है भारत- मुख्यमंत्री
Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए और लोगों को भी जागरुक करना चाहिए। उन्होंने नशे का कारोबार करने वालों को आगाह करते हुए अगर बाज नहीं आए तो न केवल उन्हें जेल भेजा जाएगा बल्कि उनकी संपत्ति भी जब्त होगी, क्योंकि ऐसे लोग देश और समाज को खोखला कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साेमवार काे स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर प्रदेश के युवा एवं खेलकूद विभाग की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित युवा महाेत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न जिलों के युवा व महिला मंगल दलों को नशा उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, जनता लाइब्रेरी, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र व राशि प्रदान की। इससे पहले युवा एवं खेलकूद मंत्री गिरीश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक डाॅ नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव व लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। समाराेह में मुख्यमंत्री ने 40 कराेड़ रुपये अधिक की परियाेजनाओं का लाेकार्पण व शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने दुनिया की प्राचीनतम संस्कृति भारतीय सनातन संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। दुनिया काे बताया कि भारतीय संस्कृति किसी भी समाज पर जबरिया अपने विचार नहीं थाेपती है और दुनियाभर से काेई भी पीड़ित मानवता भारत आई ताे भारत ने उसे स्वीकार किया। स्वामी विवेकानंद ने भारत काे विश्व गुरु का सपना देखा था, उसे आज पूरा हाेते हुए पूरी दुनिया देख रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज जीजाबाई माई साहब को उनकी जयंती पर नमन करता हूं, जिनके पालन पोषण और संस्कारों में पले बढे़ छत्रपति शिवाजी ने हिंदवी स्वराज की स्थापना की।
संकल्प लें तो मिलेगी मंजिल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवा महोत्सव में युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्रान करते हुए कहा कि अगर संकल्पवान होकर लक्ष्य के लिए आगे बढ़ते हैं तो सफलता जरूर मिलेगी लेकिन अक्सर युवा मंजिल के नजदीक आने पर लापरवाही कर जाते हैं जबकि उन्हें बिना निराश हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए तो एक न एक दिन जरूर मंजिल मिलेगी।
पर्यावरण , खेल व जल संरक्षण पर कार्य करें मंगल दल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस समारोह में विभिन्न कार्यों के लिए युवक व महिला मंगल दल को सम्मानित किया गया है। मंगल दल एक पेड़ मां के नाम पर पेड़ लगाएं। पुराने नदी- नालों, कुओं का संरक्षण करें। मंगल दलों को स्पोटर्स किट दी गई उसका गांव के युवाओं को खेल प्रतिभा विकसित करने में उपयोग करें। साथ ही ग्राम, न्याय, जिला, मंडल और प्रदेश स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जायं और युवाओं को पुरस्कृत किया। जुलाई से प्रदेश में वन महोत्सव शुरु किया जाएगा और करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। वन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में पूरे भारत में प्रथम है।
युवाओं मिल रहा रोजगार
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं काे स्वराेजगार के लिए प्रेरित करने के लिए पीएम व सीएम योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए ऋण दिए जा रहे हैं। स्किल को बढाने के लिए ट्रेनिंग कराई जा रही है और सरकारी नौकरियों में बिना किसी भेदभाव के चयन किया जा रहा है। पहले पैसे वसूल कर नौकरी बांटी जाती थी लेकिन अब ऐसा करने वालों को जेल भेजा जा रहा है।
प्रदेश में अच्छी कानून व्यवस्था से आ रहा भारी निवेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले व्यापारी सहमे रहते थे और कोई निवेश नहीं आ रहा था लेकिन वर्ष 2017 के बाद से स्थितियां बदल गई हैं। अब करोड़ाें रुपए के निवेश आ रहे हैं और युवाओं को रोजगार मिल रहा है। प्रयागराज में सफल महाकुंभ के आयोजन में करोड़ाें लोग आए। प्रदेश में करोड़ाें पर्यटक आने से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। यह स्थिति आने वाले दिनों में और अधिक बेहतर होने वाली है।
विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी के विजन की सराहना करते हुए योगी ने कहा कि देश को आजादी तो मिली लेकिन इसके जश्न में हर भारतीय शामिल नहीं हो पाया लेकिन अब पीएम मोदी ने आजादी के सौ साल पूरे होने पर 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश भर में विभिन्न कार्यक्रम और अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी प्रकार हर घर तिरंगा अभियान से लाेगाें काे देश और समाज के प्रति अपने दायित्व काे बाेध कराया गया। समाराेह में विभागीय याेजनाओं की एक प्रस्तुति भी दी गई।











