
तेहरान : ईरान में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। बढ़ती महंगाई, खराब होती अर्थव्यवस्था और मुद्रा के लगातार गिरते मूल्य से नाराज जनता सड़कों पर उतर आई है। अयातुल्ला खामेनेई सरकार के खिलाफ देशभर में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। सत्ता विरोधी आंदोलन में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि ईरानी पुलिस ने कई भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पोस्ट में कहा गया कि पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों समेत कुछ ईरानी सहयोगियों को हिरासत में लिया है।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहअली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूदा हालात को लेकर कुछ विदेशी एक्स अकाउंट्स पर गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं और लोगों से अपील की कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही खबरें प्राप्त करें।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है। एसोसिएटेड प्रेस ने अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन के हवाले से बताया कि बीते दो सप्ताह से जारी प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। मृतकों में 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के जवान शामिल बताए गए हैं। हालांकि ईरानी सरकार ने अब तक आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या जारी नहीं की है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं पर भी पाबंदी लगा दी गई है, जिससे हालात की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल हो गया है। वहीं, ईरान के अपदस्थ शाह के पुत्र रेजा पहलवी ने सुरक्षा बलों से जनता के साथ खड़े होने की अपील की है और प्रदर्शनकारियों से भी शांति बनाए रखने का आग्रह किया है।
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