
विकसित भारत–जी. राम जी. योजना को लेकर प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल लखीमपुर के अटल सभागार पहुंचे,
लखीमपुर खीरी . कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में केंद्र सरकार की नई विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना को लेकर प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल को प्रेस वार्ता करने पहुंचे। ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में इसे पेश करते हुए मंत्री ने योजना के उद्देश्यों और जनपद में इसके क्रियान्वयन की जानकारी दी।
प्रेस वार्ता दोपहर 2:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन प्रभारी मंत्री 3:50 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे। मंत्री के विलंबित आगमन के कारण मौके पर मौजूद पत्रकार, मीडिया कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी लंबे समय तक इंतजार करते रहे। देरी को लेकर पत्रकारों में असंतोष व्याप्त हो गया और बाहर जाने लगे।
कुछ देर बाद पत्रकारों से शांति बनाये रखने और सभागार में लौटने का आग्रह किया गया जिसके बाद पत्रकार बंधु वापस सभागार में लौटे और कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री के आने के बाद भाजपा के जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी, गोला विधायक अमन गिरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद रेखा वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मंचासीन हुए। इसी दौरान सदर विधायक योगेश वर्मा को मंच पर बैठने को लेकर असुविधा हुई। उन्हें तत्काल बैठने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाने से नाराजगी हुई और वे कुछ समय के लिए सभागार से बाहर चले गए।
पत्रकारों के पूछने पर सदर विधायक ने स्पष्ट किया कि मंच पर बैठने के लिए कुर्सी न मिलने के कारण वे असहज महसूस कर बाहर गए थे। इस पर प्रभारी मंत्री के पीएसओ ने सदर विधायक को वापस आने के लिए मनाया और उन्हें मंत्री के पास उचित स्थान दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने मामले को और हवा दे दी।विधायक योगेश वर्मा के समर्थकों ने मंच व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी जताई। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए गए और बाद में मामला शांत हुआ।
प्रेस वार्ता में प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार गारंटी दिए जाने की बात कही, जो पूर्व की मनरेगा योजना में 100 दिन था। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा का बजट 35 हजार करोड़ था, जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर वर्तमान में 95 हजार करोड़ तक पहुंचाया है, जो लगभग तीन गुना अधिक है।
मंत्री ने इस योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया और कहा कि यह 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करते हुए ग्रामीण इलाकों को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
हालांकि, प्रेस वार्ता से पहले हुई देरी और मंच व्यवस्था में आई असुविधा ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े किए, लेकिन समय रहते इसे सुलझा लिया गया और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर भी खूब चर्चा बटोरी।















