
Jhansi : रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और आरपीएफ क्राइम विंग की टीम ने दतिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित सिग्नल स्टोर से वायर चोरी करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से हजारों रुपये कीमत का माल बरामद किया गया है। गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
रेल सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विवेकानंद नारायण के निर्देशन में आरपीएफ और आरपीएफ क्राइम विंग की टीम सिग्नल स्टोर से वायर चोरी करने वाले गिरोह की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान सूचना मिली कि दतिया के पास स्थित पीतांबरा कॉलोनी के पीछे वन विभाग की झाड़ियों के पास तीन युवक खड़े हैं और चोरी का वायर बेचने की फिराक में हैं। सूचना पर पहुंची टीम ने घेराबंदी कर तीनों युवकों को माल सहित पकड़ लिया। इनके पास से रेलवे पावर वायर के चौदह बंडल बरामद किए गए।
तीनों को थाना लाकर गहन पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने सिग्नल स्टोर से वायर चोरी करने की बात स्वीकार की। आरपीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दतिया कोतवाली थाना क्षेत्र के मिश्रा कॉलोनी निवासी राजू दुबे, शिवपुरी जिले के थाना पिछोर अंतर्गत ग्राम करारखेड़ा निवासी अरविंद आदिवासी तथा दतिया के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ईदगाह मोहल्ला, मस्जिद के पीछे वार्ड नंबर तीन निवासी सौरभ अहिरवार शामिल हैं। तीनों को रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस टीम को मिली सफलता
आरपीएफ पोस्ट वीजीएलजे के उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह यादव, आरक्षक हेमंत कुमार, नरपाल सिंह, आरपीएफ पोस्ट दतिया के सहायक उपनिरीक्षक रामकुमार अहिरवार, प्रधान आरक्षक चंद्रभान यादव व मनोज कुमार यादव, आरपीएफ क्राइम विंग के प्रधान आरक्षक तौसीफ खान और आरक्षक सुरेंद्र सिंह बिष्ट इस कार्रवाई में शामिल रहे।
स्टोर के अधिकारी भी आ सकते हैं जांच के घेरे में
मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के पीछे स्थित एसएनटी विभाग के स्टोर से ड्रम चोरी होने के मामले ने भी तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में वहां पदस्थ अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, स्टोर में कैमरे लगे होने के बावजूद लाखों रुपये कीमत का कॉपर तार चोरी हो गया और इसकी भनक अधिकारियों को नहीं लगी। हालांकि बाद में आरपीएफ और आरपीएफ क्राइम विंग की टीम ने ड्रम बरामद कर लिए हैं और मुख्य आरोपी आकाश खटीक को छोड़कर अधिकांश अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है। इनके पास से लाखों रुपये कीमत का कॉपर तार भी बरामद किया गया है। ड्रम चोरी के इस मामले को रेलवे बोर्ड ने गंभीरता से लिया है।










