
मेरठ : मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में बीते सप्ताह घटी सनसनीखेज घटना का तीसरा दिन शनिवार को एक बड़ी सफलता के साथ खत्म हुआ। पुलिस ने बृहस्पतिवार को अगवा की गई युवती रूबी को रुड़की में बरामद कर लिया। इसी कार्रवाई में मुख्य आरोपी पारस सोम को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों रुड़की रेलवे स्टेशन से हरिद्वार भागने की योजना बना रहे थे।
घटना की शुरुआत बृहस्पतिवार सुबह हुई थी, जब गांव निवासी सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान आरोपी पारस सोम, नामजद सुनील और दो अज्ञात युवक कार से वहां पहुंचे और रूबी को अगवा करने का प्रयास किया। सुनीता ने विरोध किया, तो उन पर फरसे से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया। रूबी को अगवा कर फरार हुए आरोपी दो दिन तक नागल, सहारनपुर में रुके रहे।

पुलिस ने बताया कि पारस सोम का मोबाइल पहले से निगरानी में था। जैसे ही उसने अपने दोस्त को कॉल कर कहा, “मैं बाहर निकल रहा हूं”, पुलिस सक्रिय हो गई। कॉल सुनते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क किया और रुड़की में घेराबंदी कर दी। एसएसपी हरिद्वार ने तुरंत एसपी देहात को रुड़की रेलवे स्टेशन भेजा। इससे पहले कि आरोपी ट्रेन में बैठकर फरार हो पाते, पुलिस ने युवती रूबी को बरामद कर पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया। देर रात दोनों को मेरठ लाया गया। प्राथमिक पूछताछ में पारस सोम ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
इस कार्रवाई के दौरान जिले की सीमाएं सील कर दी गई थीं। काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को रोक लिया। इसके बाद दोनों नेताओं और उनके समर्थकों के साथ पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई। शाम को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी बैरिकेडिंग का सामना करते हुए धरने पर बैठे। कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और अन्य नेताओं को भी टोल प्लाजा पर रोक दिया गया।

पुलिस ने पूरे मामले में कहा कि आरोपी पारस सोम ने युवती रूबी के अपहरण और सुनीता की हत्या की बात स्वीकार कर ली है। युवती को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में नामजद सुनील राजपूत और दो अज्ञात युवकों की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटना के समय मुख्य आरोपी पारस सोम और रूबी ही मौके पर थे। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश जारी है।

सरधना के कपसाड़ गांव में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया था। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और गांव में किसी भी व्यक्ति को घटनास्थल के पास प्रवेश नहीं करने दिया।










