Lucknow : तो क्या कुछ बड़ा फैसला ले सकता है केजीएमयू प्रशासन?

  • केजीएमयू कुलपति समेत डॉक्टर्स की सुरक्षा पर खड़े हुए थे बड़े सवालिया-निशान!

Lucknow : आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन की गिरफ्तारी के बावजूद केजीएमयू का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कुलपति कार्यालय में हुई घुसपैठ, हंगामा और तोड़फोड़ के मामले में केजीएमयू की ओर से दी गई तहरीर पर एफआईआर अभी तक दर्ज नहीं हुई है, जिससे केजीएमयू डॉक्सर्ट में रोष व्याप्त है। लिहाजा केजीएमयू शिक्षक संघ, कर्मचारी एसोसिएशन, नर्सिंग एसोसिएशन और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को बड़ी बैठक बुलाई है। बैठक के बाद एक बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है जिसकी दशा और दिशा बैठक में तय की जाएगी।

दरअसल केजीएमयू में शुक्रवार को धर्मांतरण के प्रयास के मामले में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव पहुंचीं थीं। इससे पहले ही वहां काफी संख्या में हिंदू संगठन और अन्य लोग मौजूद थे। अपर्णा यादव के पहुंचने के बाद वहां नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान दरवाजे की सिटकनी और कुलपति कार्यालय का सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। हंगामे के दौरान कुलपति का सीयूजी नंबर वाला मोबाइल फोन भी गुम हो गया। केजीएमयू प्रशासन की ओर से प्रॉक्टर प्रो.आरएएस कुशवाहा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को ही तहरीर दे दी, लेकिन पुलिस ने जांच की बात कहते हुए शनिवार शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं की। इस वजह से केजीएमयू केशिक्षक, कर्मचारी और स्टूडेंट में आक्रोश है।

कुछ बड़ा फैसला ले सकता है केजीएमयू प्रशासन-

केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह के मुताबिक जिस समय हंगामा बवाल हुआ, वहां शिक्षकों के प्रमोशन के साक्षात्कार चल रहे थे। ऊपरी तल पर एमबीबीएस के विद्यार्थियों की परीक्षा हो रही थी। हंगामा होने की वजह से साक्षात्कार प्रभावित हुए। कुलपति कार्यालय के सभी सुरक्षा कर्मियों के साथ ही कर्मचारियों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। कुलपति को भी अपना कार्यालय छोड़ना पड़ा, वहीं दो महिलाशिक्षकों को दो घंटे तक बंधक रखा गया। पूरा कुलपति कार्यालय करीब तीन घंटे उपद्रवियों के कब्जे में रहा। एक तरह से सरकारी काम में बाधा पहुंचाई गई, और कुलपति और केजीएमयू प्रशासन के खिलाफ अभद्र नारेबाजी की गई। इसके बावजूद इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है।

हंगामे के बाद छावनी में तब्दील हुआ केजीएमयू-

कुलपति कार्यालय में हुए उपद्रव के बाद से पूरे परिसर में पुलिस नजर आई। कुलपति कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और भी तगड़ी थी। सुरक्षाकर्मियों ने कुलपति कार्यालय आने वाले लोगों से पूछताछ भी की। वीसी कार्यालय सहित संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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