
- नलकूपों के निरीक्षण का मिला 38 लाख, कागजों में हो गया खर्च
- झाड़-झंखाड़ व नालियों की सफाई का धन भी विभागीय अधिकारियों ने डकारा
Basti : राजकीय नलकूपों के निरीक्षण व सफाई के नाम पर शासन हर वर्ष भारी-भरकम बजट उपलब्ध कराता है। नलकूपों के निरीक्षण में वाहन के डीजल व्यय, नलकूपों की सामग्री व उनकी मरम्मत के लिए आवागमन में होने वाले खर्च हेतु सरकार प्रत्येक वर्ष 38 लाख रुपये देती है, जबकि झाड़-झंखाड़ व नालियों को दुरुस्त करने के नाम पर 68 लाख रुपये मिलते हैं।
लेकिन हकीकत यह है कि कई नलकूपों का अधिकारी निरीक्षण करने जाते ही नहीं हैं। जबकि छिटपुट मामलों को छोड़ दिया जाए तो सफाई भी कागजों में ही कर ली जाती है। किसानों का कहना है कि यदि अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करते, तो नलकूपों की दशा में सुधार रहता।
कुछ नलकूप ऐसे हैं जो कई वर्षों से बंद पड़े हैं, तो वहीं कुछ ऐसे हैं जो झाड़ियों से घिरे हुए हैं। यहां तक कि नालियां भी क्षतिग्रस्त हैं। कुछ जगहों पर नाली का तो कोई पता ही नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकांश निरीक्षण सिर्फ कागजों में ही किए जाते हैं। इसके बाद धन हजम करने के लिए डीजल की खपत व सफाई का खर्च भी कागजों में ही दिखा दिया जाता है।
जिले में कुल 652 नलकूप संचालित हैं। प्रत्येक नलकूप के निरीक्षण व सामग्री की ढुलाई के लिए वाहन व्यय पर हर वर्ष 5,840 रुपये मिलते हैं। ऐसे में जिले को इस मद में कुल 38 लाख 7 हजार 680 रुपये प्राप्त होते हैं। विभाग को नलकूपों का निरीक्षण इसलिए करना होता है, जिससे नलकूपों का रख-रखाव बेहतर ढंग से किया जा सके और जो खामियां हों, उन्हें दूर किया जा सके।
वास्तविकता यह है कि अधिकांश नलकूप बदहाल हैं। किसानों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग सिर्फ हर वर्ष धन खर्च कर रहा है। कुदरहा ब्लॉक के परेवा में स्थित नलकूप का गूला सहित उसका पाइप क्षतिग्रस्त है। किसान इस नलकूप से सिंचाई का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
राम प्रकाश यादव ने बताया कि काफी समय से कोई भी निरीक्षण करने नहीं आया है, इसलिए पाइपलाइन ठीक नहीं हो पा रही है। बैडारी मुस्तहकम गांव में स्थित नलकूप बंद पड़ा है। वहीं पिपरपाती मुस्तहकम में स्थित नलकूप की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। ऐसे में अधिकतर किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
गांव के मुन्नी लाल ने बताया कि नलकूप विभाग से कोई भी नलकूप की स्थिति देखने नहीं आता है, इसलिए क्षतिग्रस्त पाइप ठीक नहीं हो पा रही है।










