उद्धव ठाकरे की पार्टी को मुंबई में बड़ा झटका, यूबीटी शिवसेना के उपविभाग प्रमुख अशोक मिश्रा ने छोड़ा साथ

मुंबई की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को मुंबई में बड़ा झटका लगा है। अंधेरी पूर्व से यूबीटी शिवसेना के उपविभाग प्रमुख रहे अशोक मिश्रा ने पार्टी से नाता तोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। बीएमसी चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर नाराज़गी को इस फैसले की बड़ी वजह माना जा रहा है।

कई वर्षों तक शिवसेना और ठाकरे परिवार के करीबी माने जाने वाले अशोक मिश्रा ने आखिरकार यूबीटी शिवसेना से इस्तीफा दे दिया। अशोक मिश्रा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ वर्षा बंगले पहुंचे, जहां उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी जॉइन की।
अशोक मिश्रा अंधेरी पूर्व में शिवसेना के उपविभाग प्रमुख थे। उन्होंने वर्ष 2014 में शिवसेना में प्रवेश किया था। मिश्रा का आरोप है कि उत्तर भारतीय होने के कारण यूबीटी शिवसेना ने उनका नगरसेवक पद का टिकट काट दिया। अशोक मिश्रा के मुताबिक, उन्हें उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के नेताओं ने एक नहीं बल्कि कई बार भरोसा दिलाया था कि नगरसेवक चुनाव में अंधेरी पूर्व से टिकट उन्हें ही दिया जाएगा।


इसी भरोसे के आधार पर अशोक मिश्रा ने 2014 का विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, 2017 का बीएमसी चुनाव, 2019 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव, और 2024 का लोकसभा व विधानसभा चुनाव—हर चुनाव में पार्टी के लिए जमकर मेहनत की। उन्होंने विधायक रमेश लटके, उनकी पत्नी ऋतुजा लटके और सांसद गजानन कीर्तिकर को जिताने के लिए दिन-रात काम किया।

अशोक मिश्रा ने अंधेरी और जोगेश्वरी इलाके में पार्टी का ग्राफ बढ़ाया, उत्तर भारतीय मतदाताओं को पार्टी से जोड़ा और मराठी मतदाताओं के बीच भी अपनी पैठ बनाई। मराठी युवाओं की अलग टीम तैयार की, इलाके में सांस्कृतिक, धार्मिक और खेलकूद से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित करवाए। लेकिन जब टिकट देने का वक्त आया तो पार्टी ने उनकी वर्षों की मेहनत को नजरअंदाज करते हुए एक अनजान चेहरे को टिकट दे दिया। इससे न सिर्फ उत्तर भारतीय बल्कि मराठी समर्थकों में भी भारी नाराज़गी और दुख देखा गया।

अशोक मिश्रा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1999 में संजय निरुपम के साथ की थी। युवा और जुझारू नेता के तौर पर उन्होंने अंधेरी-जोगेश्वरी इलाके में अपनी अलग पहचान बनाई।

बीजेपी में एंट्री और समीकरण:

भारतीय जनता पार्टी में शामिल होते समय अंधेरी के विधायक मुरजी पटेल भी अशोक मिश्रा के साथ मौजूद रहे। चर्चा है कि अशोक मिश्रा को बीजेपी में शामिल कराने में मुरजी पटेल ने अहम भूमिका निभाई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे अंधेरी में मुरजी पटेल की ताकत और मजबूत होगी, वहीं अशोक मिश्रा को भी नई पार्टी में नई ऊर्जा के साथ काम करने का मौका मिलेगा।

बीएमसी चुनाव से पहले यह घटनाक्रम उद्धव ठाकरे की यूबीटी शिवसेना के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है, जबकि बीजेपी इसे मुंबई में अपनी मजबूती के तौर पर देख रही है।

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