
Prayagraj : संगम नगरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां उन्होंने माघ मेले के आध्यात्मिक वातावरण के बीच त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। मुख्यमंत्री ने न केवल संगम में डुबकी लगाई, बल्कि मां गंगा का पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उनकी इस यात्रा ने माघ मेले में आए श्रद्धालुओं और संतों के उत्साह को और बढ़ा दिया है। सीएम योगी के साथ ही कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी लखनऊ से प्रयागराज पहुंचे और स्नान किया है।

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले को लेकर अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। सीएम योगी ने इस दौरान प्रयागराज में तीर्थयात्रियों को डिजिटल मार्गदर्शन देने के लिए माघ मेला सर्वेस ऐप का भी उद्धाटन किया। इस ऐप के जरिए मेले में आए श्रद्धालुओं को डिजिटल तरीके से सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उन्होंने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के बाद लेटे हनुमान जी मंदिर में पूजा-अर्चना और और गायों को चारा भी खिलाया। इसके अलावा सीएम योगी ने रामानंदाचार्य की 726 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहां उन्होंने सभी समुदायों के बीच एकता का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि बांग्लादेश की घटनाओं पर इनके मुंह बंद हैं। मुख्यमंत्री यहां माघ मेला क्षेत्र में जगद्भुरु रामानंदाचार्य जी महाराज के 726 वें प्राकट्य उत्सव को संबोधित कर रहे थे। संत समाज के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरे समाज को जोड़ने का कार्य करता है और जब संत समाज एक मंच पर आकर उद्धवोष करता है तो उसका परिणाम भी सामने आता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसका उदाहरण है, जो पूज्य संतों की साधना और एकता से ही हुआ और जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मूर्त रूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘देश की आजादी के बाद कई प्रधानमंत्री हुए और सभी ने देश के विकास के बारे में सोचा, लेकिन भारत की मूल आत्मा को सम्मान मिलना चाहिए और अयो्या में राम मंदिर बने और उसमें रामलला विराजमान हों,
यह भाव केवल प्रथानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भीतर था, जिन्होंने इसे साकार किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो राम मंदिर में दर्शन करने गए, राम मंदिर के शिलान्यास में शामिल हुए, प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भी उपस्थित रहे और मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद शुभ मुहुत में सनातन धम्म की ध्वज-पताका के आरोहण में भी भागीदार बने।
धर्मनिरपेक्षता के नाम पर राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, इन लोगों का बांग्लादेश की घटना पर मुंह बंद है। इनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है। ऐसा लगता है। कि किसी ने इनके मुंह पर फेवीकोल चिपका दिया है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोगों द्वारा बांग्लादेश की घटनाओं को लेकर कोई कैंडल मार्च नहीं निकाला जा रहा है। यह हम सबके लिए एक चेतावनी भी है। गंगा की निर्मलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिवेणी में स्नान की दिव्य अनुभूति हो रही है।
उन्होंने कहा, मैंने भी यहां आकर सबसे पहले त्रिवेणी में डुबकी लगाकर मां गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कितना पावन जल है। आज से आठ-दस वर्ष पहले क्या इतना निर्मल जल उपलब्ध हो पाता था उन्होंने कहा जब रामभक्त और गंगाभक्त देश की सक्ता में होता है, तभी ऐसे दिव्य अवसर प्राप्त होते हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘नमामि गंगे अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है और भारत माता का सच्चा सपूत ही ऐसा कार्य कर सकता है।











