
Bengal CM Mamta Banerjee : कोलकाता में चुनाव सलाहकार IPAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर ईडी की कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंचकर फाइल और लैपटॉप अपने साथ ले जाने का मामला उजागर हुआ है। गुरुवार को कोलकाता में हुई इस घटना को लेकर राजनीति गरमाई हुई है।
ईडी की कार्रवाई के दौरान, जहां ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं, उन्होंने उस समय मौजूद फाइल और लैपटॉप को अपने साथ ले लिया। इस घटनाक्रम ने पूरे राजनीतिक माहौल को तूल दे दिया है। ममता बनर्जी के इस कदम को लेकर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने तीखा विरोध जताया है।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा- ‘आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ’
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक मुख्यमंत्री एक सरकारी एजेंसी की कार्रवाई के दौरान वहां पहुंचकर फाइल और लैपटॉप ले जाए। यह पूरी तरह से अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है। मुख्यमंत्री का ऐसा आचरण न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।”
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि ईडी की कार्रवाई को लेकर जो शिकायतें आई हैं, उनके अनुसार प्रतीक जैन की कंसल्टेंसी फर्म पर करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। उन्होंने कहा, “यह रिपोर्ट ईडी के आधिकारिक बयान में मौजूद है, जो उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।”
प्रसाद ने बताया कि कोलकाता में यह रेड किसी सरकारी घर या दफ्तर पर नहीं, बल्कि एक प्राइवेट कंसल्टेंसी फर्म पर हुई है, जहां से करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई है। उन्होंने कहा, “यह फर्म कोयले की स्मगलिंग और हवाला ट्रांजैक्शन के मामलों में शामिल है, जिन पर ईडी की कार्रवाई चल रही है।”
रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी इस कार्रवाई के दौरान राजनीतिक बदले की भावना से घबराई हुई हैं। उन्होंने कहा, “ममता जी, आप क्यों इतनी घबराई हैं? आप 14 वर्षों तक मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं। यदि उन्होंने वहां जाना जरूरी समझा, तो इसका मतलब है कि कुछ संदिग्ध था जिसे बाहर निकालना था। आपने जो किया है, वह न केवल अमर्यादित है, बल्कि असंवैधानिक भी है।”
यह भी पढ़े : ‘तुम हिंदू टीचर हो, BHU चली जाओ’, AMU में 27 साल तक प्रोफेसर के साथ उत्पीड़न














