
Jhansi : आजकल मोबाइल सिर्फ बात करने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि इसमें बैंक, व्यापार और कई जरूरी जानकारियां भी होती हैं। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि मोबाइल एक बार खो गया तो दोबारा नहीं मिलेगा, लेकिन जीआरपी पुलिस ने इस धारणा को झुठलाया। नए साल के मौके पर रेलवे पुलिस ने 170 मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए, जिससे लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव ने एसपी रेलवे कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इन मोबाइलों का वितरण किया। बरामद किए गए मोबाइलों की अनुमानित कीमत 17 लाख 35 हजार रुपये बताई गई। इस मौके पर सीओ रेलवे सलीम खान भी मौजूद रहे।

जीआरपी की सर्विलांस सेल और अनुभागीय थानों ने मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया। ये मोबाइल केवल झांसी से ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों से बरामद किए गए। एसपी रेलवे ने इस कामयाबी के लिए सर्विलांस टीम और थाना प्रभारियों की सराहना की और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की।
मोबाइल गुम होने पर घर बैठे शिकायत करें
विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अब मोबाइल खो जाने पर थाने आने की जरूरत नहीं है। कोई भी नागरिक घर बैठे शिकायत कर सकता है। इसके लिए नजदीकी थाने में आवेदन, आधार कार्ड और मोबाइल बिल के साथ रिपोर्ट दर्ज करवाई जा सकती है। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल Sanchar Saathi (sancharsaathi.gov.in) और CEIR (ceir.gov.in) पर भी अपने खोए हुए फोन को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सकता है।

एसपी रेलवे ने कहा कि पुलिस का मकसद सिर्फ अपराध रोकना ही नहीं है, बल्कि आम जनता की सेवा करना और उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाना भी है। यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।












