Basti : ई स्वराज की अनदेखी, बस्ती की 51 ग्राम पंचायतों में 86.38 लाख का गोलमाल

  • निदेशक की जांच में हुआ खुलासा दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

Basti : जिले की 51 ग्राम पंचायतों में ई-स्वराज पोर्टल एवं पंचायत गेटवे पोर्टल का उपयोग किए बिना अक्टूबर में विकास कार्यों के नाम पर 86 लाख 38 हजार रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर अनियमितता का खुलासा पंचायतीराज विभाग के निदेशक द्वारा कराई गई जांच में हुआ है। जांच में विकास कार्यों की आड़ में वित्तीय गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने संबंधित जिला पंचायत राज अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने तथा दोषी ग्राम सचिवों और अन्य संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक का पत्र जारी होते ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिले की 51 ग्राम पंचायतों में पंचायत गेटवे पोर्टल का प्रयोग किए बिना भुगतान किया गया, जो ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की अनदेखी और निर्धारित नियमों के उल्लंघन को दर्शाता है।

इन ग्राम पंचायतो अनियमितता की आशंका

सदर ब्लॉक की लोनहा, पकरी चंदा, भौरा, कैथवलिया, छितौनी, महथा, पधरी, हल्लौर, नगरा, दौरा खुर्द, ख्वोरा उर्फ छबील्हा, कोहड़हवा, खीरीघाट, कुसमौर, बरसांव, नंदपुर, उरई, बंगावा लिंड, चौबा, चनानी सिरोबास एवं बंटाला ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

इसके अलावा दुबौलिया ब्लॉक की भिउरा व बैरागल, गौर ब्लॉक की हरदी खास, असनहरा, दुबौला, करणपुर, हलुवा, पैकोलिया, तेंदाई चेत सिंह, मिरवापुर, बड़ोखर, हर्रैया ब्लॉक की संग्रामपुर व रेबरा दास, कुदरहा ब्लॉक की पसरा, परसरामपुर ब्लॉक की रजवापुर, भैसहा, दुखेरी, मझगांव माफी, सेहरिया, लोहरौली, गोरया, रामनगर ब्लॉक की रजवापुर, भैसहा, दुखेरी, मझगांव माफी, सेहरिया, लोहरौली, गोरया, रुधौली ब्लॉक की धनसी, सल्टौआ गोपालपुर ब्लॉक की मुगरहा व भिउरा, साऊघाट की मुड़ाडीहा तथा विक्रमजोत ब्लॉक की एकमा हिरणिया ग्राम पंचायतों में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।

बताया गया कि ई-स्वराज गेटवे, उत्तर प्रदेश पंचायतीराज विभाग का डिजिटल पोर्टल है, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों एवं उनके भुगतान की ऑनलाइन निगरानी की जाती है

जिला पंचायत राज अधिकारी घनश्याम सागर ने बताया कि सभी ग्राम सचिवालयों में स्थापित कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से ही पंचायत गेटवे पोर्टल का प्रयोग कर भुगतान किया जाना अनिवार्य है। लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिवों, सहायक विकास अधिकारियों एवं अन्य संबंधित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके जवाब प्राप्त होने के बाद मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। बिना पोर्टल के भुगतान करने वाली ग्राम पंचायतों की विशेष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी

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