
जालौन : उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत स्टेट हाईवे संख्या 151 पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़े जाने से स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों व ठेकेदार की लापरवाही के चलते आम जनता को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा एट से भीखेपुर तक लगभग पूर्ण हो चुका यह सड़क निर्माण कार्य करीब 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। बावजूद इसके ग्राम जगम्मनपुर क्षेत्र में मात्र लगभग 100 मीटर सड़क का निर्माण शेष रहने के कारण पूरी परियोजना अधर में लटकी हुई है। आरोप है कि कुछ अतिक्रमणकारियों एवं असामाजिक तत्वों के विरोध और भय के चलते लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा संबंधित ठेकेदार कार्यस्थल से अचानक गायब हो गए हैं।
इस अधूरी सड़क का खामियाजा सीधे तौर पर आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। जगम्मनपुर बाजार से होकर गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग न मिलने के कारण पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। स्कूली बच्चों, व्यापारियों, मरीजों और राहगीरों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। कई बार एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जाम के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार चौपट होता जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं और न ही प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई कर रहा है।
इस संबंध में जब जेई गंगवार से पूछा गया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और पीडब्ल्यूडी प्रथम के अधिशासी अभियंता से जानकारी लेने को कहा। वहीं सहायक अभियंता दिनेश भाटिया से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मौसम ठीक होते ही शीघ्र कार्य प्रारंभ कराया जाएगा और सड़क निर्माण कार्य मार्च से पहले पूरा कर दिया जाएगा। डामरीकरण या सीसी निर्माण के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मौके पर स्थिति देखकर तय किया जाएगा कि सीसी सड़क बनेगी या काली सड़क।
ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन हस्तक्षेप कर तत्काल शेष सड़क निर्माण कार्य पूरा कराए तथा दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करे। यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह है कि प्रशासन और लोक निर्माण विभाग जनता की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और अधूरी सड़क को पूर्ण कर राहत प्रदान करते हैं।













