भोपाल : बीएमएचआरसी की टीम ने चार घंटे की हाई-रिस्क सर्जरी में यूटेरस कैंसर ग्रस्त महिला को नया जीवन दिया

भोपाल : भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) के चिकित्सकों ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में मिसाल पेश की है। यहां चार घंटे की जटिल सर्जरी के जरिए यूटेरस कैंसर से पीड़ित 54 वर्षीय महिला को नया जीवन मिला है।


डॉक्टरों के अनुसार महिला के गर्भाशय में 15×15×15 सेंटीमीटर का विशाल ट्यूमर था, जो पेल्विक क्षेत्र में फैल चुका था। ट्यूमर के अत्यधिक बढ़ने से पेशाब की नली और रेक्टम पर दबाव पड़ रहा था, जिससे महिला को पिछले तीन महीनों से शौच और मूत्र त्याग में गंभीर परेशानी हो रही थी।
महिला को पहले एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन सर्जरी को अत्यंत जोखिमपूर्ण बताते हुए वहां ऑपरेशन से इनकार कर दिया गया। इसके बाद परिजन महिला को बीएमएचआरसी लेकर पहुंचे। यहां कैंसर सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम, एनेस्थीशियोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संध्या इवने और उनकी टीम ने केस का गहन मूल्यांकन कर सर्जरी का निर्णय लिया।


चार घंटे चली हाई-रिस्क सर्जरी
लगभग चार घंटे चली इस जटिल शल्यक्रिया में डॉक्टरों ने कैंसरग्रस्त ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया, साथ ही मूत्र मार्ग, छोटी आंत और रेक्टम को सुरक्षित रखा। डॉक्टरों के मुताबिक पेल्विक केविटी में इस स्तर तक फैला कैंसर दुर्लभ होता है और सर्जरी तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, जहां छोटी सी चूक भी जानलेवा हो सकती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार महिला का पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किया गया। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि, “यह सर्जरी हमारे डॉक्टरों और पूरी मेडिकल टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। हमें गर्व है कि बीएमएचआरसी ऐसे मरीजों के लिए आशा का केंद्र बन रहा है, जिन्हें अन्य जगहों पर इलाज की उम्मीद नहीं मिल पाती।” BMHRC की इस सफलता को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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