
Iran Protest : पिछले दो सप्ताह से जारी ईरान के विरोध प्रदर्शन गुरुवार को पूरी तरह से उग्र हो गए हैं, जिससे देशव्यापी तनाव और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो गई है। राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और शासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक का सबसे बड़ा हुंकार भरा गया है, जिसके बाद ईरान की सरकार ने सुरक्षा बलों को तैनात कर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
तेहरान में सत्ता परिवर्तन के लगे नारें
तेहरान समेत पूरे देश में हजारों नागरिक खामेनेई मुर्दाबाद और सत्ता परिवर्तन के नारे लगा रहे हैं। वीडियो साक्ष्यों में सड़कों पर आगजनी और हिंसक झड़पों की घटनाएं सामने आई हैं। गुरुवार देर रात, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवाएं और टेलीफोन कनेक्शन काट दिए हैं। इसके साथ ही, कई क्षेत्रों में नोटाम (NOTAM) जारी किया गया है, जो हवाई सुरक्षा के मद्देनजर पायलटों को सतर्क करता है। देश के कई हिस्सों में डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेटब्लॉक्स ने बताया कि लाइव डेटा से पता चलता है कि ईरान में विभिन्न सर्विस प्रोवाइडर्स की कनेक्टिविटी पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे देश के बड़े हिस्से में इंटरनेट सेवा बाधित हो गई है। यह देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट प्रदर्शनकारियों और सरकार दोनों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाना शुरू करते हैं तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा, “मैंने ईरान को स्पष्ट कर दिया है कि यदि वे अपने दंगों के दौरान की तरह ही प्रदर्शनकारियों को मारना शुरू करते हैं, तो हम उनके खिलाफ बहुत कठोर कदम उठाएंगे।”
मानवाधिकार समूहों ने आरोप लगाया है कि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स ने बताया कि गुरुवार को शुरू हुए प्रदर्शन में कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 नाबालिग भी शामिल हैं। बुधवार को सबसे खौफनाक दिन माना जा रहा है, जब सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 13 प्रदर्शनकारी मारे गए थे।















