
देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में पीएम और सीएम के डीपफेक वीडियो बनाने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की एआई तकनीक का दुरुपयोग करने की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकाएँ दर्ज की हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संवेदनशील मामले में भ्रामक वीडियो और अश्लील सामग्री फैलाने के प्रयास ने उन्हें गंभीर रूप से चिंतित किया।
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि दोनों मामलों की जांच विशेषज्ञ टीम को सौंपी गई है और जांच पूरी होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहली प्राथमिकी सहस्रधारा रोड निवासी रोहित शर्मा ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि फेसबुक प्रोफाइल “सुमित्रा भुल्लर” के माध्यम से एआई और डीपफेक तकनीक का उपयोग कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे और आवाज की हूबहू नकल तैयार की गई। इस फर्जी वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर आपत्तिजनक और तथ्यहीन बयान दर्शाए गए। रोहित ने कहा कि तकनीक का इस तरह दुरुपयोग संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुँचाने और समाज में आक्रोश फैलाने का प्रयास है।
दूसरी प्राथमिकी ऋषिकेश के गुमानीवाला निवासी संजय सिंह राणा ने दर्ज कराई। उन्होंने ग्रोक एआई के खिलाफ शिकायत दी, जिसमें बताया कि प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं की तस्वीरों को डिजिटल रूप से नग्न और अश्लील बनाने के निर्देश स्वीकार करता है। संजय ने स्वयं अपनी सामान्य फोटो अपलोड कर परीक्षण किया, जिसमें एआई ने तुरंत अश्लील रूप में परिणाम दिखाया। उन्होंने इसे डिजिटल यौन उत्पीड़न, निजता के उल्लंघन और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य बताया और प्लेटफॉर्म संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
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