
Ravidas Mehrotra on UP SIR : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इस नई सूची में करीब 2.79 करोड़ लोगों के नाम कटे गए हैं, जिससे विपक्षी दलों में नाराजगी और आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त हलचल मची है। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इस संदर्भ में बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान विपक्षी मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से काटे गए हैं।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में SIR लागू किए जाने के बाद से ही लगभग 2 करोड़ 79 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। लखनऊ जिले में अकेले 12 लाख 37 हजार मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। हमारे लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 28 हजार वोटरों के नाम लिस्ट से गायब हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि, “मैं अपने क्षेत्र का उदाहरण देना चाहता हूं। लखनऊ उत्तर विधानसभा में मेरे छोटे भाई का घर है, जिसमें पांच लोग रहते हैं। उन्होंने SIR का फॉर्म भरा और अपलोड भी किया, लेकिन केवल तीन ही नाम लिस्ट में आए। मेरे छोटे भाई राजीवदास मेहरोत्रा और भतीजे आयुष मेहरोत्रा का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं आया। यह स्पष्ट संकेत है कि विपक्षी वोटरों के नाम बड़े पैमाने पर काटे गए हैं।”
विधायक ने चुनाव आयोग पर भी हमला बोला और कहा, “चुनाव आयोग का काम है वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना, लेकिन वह नाम काटने का काम कर रहा है। यह पूरी तरह से उदासीनता का रवैया है। हम लोगों की बातों को न तो सुना जा रहा है और न ही ध्यान दिया जा रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि दलित, पिछड़े वर्ग के लोग, असहाय, मजदूर, और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों में आक्रोश व्याप्त है और वे सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।














