
नई दिल्ली। राजधानी शहर दिल्ली में पहली बार यातायात के नियम को तोड़ने पर सीधे तौर पर एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि दिल्ली शहर की सड़कों पर गलत तरीके से साइड में ड्राइविंग करना एक अपराध है। दिल्ली शहर में सड़को पर रॉन्ग साइड वाहन चलाने पर सिर्फ चालान कटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि एफआईआर, रिकॉर्ड और अदालत तक जाएगा।
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर सहित कई बड़े शहरों की सड़कों रॉन्ग साइड पर वाहन दौड़ने का नजारा आम है, लेकिन कहानी में अब एक नया रोमांच आ गया है। सूत्रो के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वाले का चालान नहीं, बल्कि अपराध मानकर एफआईआर दर्ज कर ली है। बता दें कि अब सड़क पर उलटी दिशा में गाड़ी घुमाई गई, तो मामला सीधा थाने के साथ ही अदालत तक पहुंच सकता है।
दिल्ली कैंट थाना और कपासेड़ा थाना में गलत साइड ड्राइविंग के मामलों में चालक के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज हुई है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने लापरवाह ड्राइविंग और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। खास बात यह रही कि इन एफआईआर को दर्ज कराने वाले यातायात पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर है। यातायात पुलिस ने 112 नंबर पर कॉल कर स्थानीय थाने को सूचना दी थी, जिसके बाद शिकायत के आधार एफआईआर दर्ज की गई थी।
दिल्ली यातायात विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गलत साइड ड्राइविंग के मामले तेजी से बढ़े हैं। साल 2025 में 3,05,843 मामले सामने आए थे। इनमें 1,78,448 चालान काटे गए थे। साथ ही 1,27,395 मामलों में नोटिस भेजे गए, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 2,49,210 पर ही था। पुलिस का मानना है कि सिर्फ चालान अब डर पैदा नहीं कर पा रहा है। गलत दिशा में वाहन चलाना सिर्फ नियम तोड़ना नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर जान को जोखिम में डालना होता है। इससे ड्राइवर ही नहीं, सामने से आने वाला हर व्यक्ति खतरे में पड़ जाता है।पुलिस के मुताबिक सड़क हादसों की बड़ी वजह यही लापरवाही बन चुकी है। इसी को देखते हुए एफआईआर दर्ज करने का विकल्प लंबे समय से विचार में था, ताकि डर भी बने और जिम्मेदारी भी बनी रहे, बता दें कि अब तक गलत साइड ड्राइविंग पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगता था, लेकिन अगर एफआईआर दर्ज होती है, तो 6 महीने तक की जेल, या 1,000 रुपये जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। साथ ही वाहन भी जब्त किया जाएगा। यह अपराध जमानती है, लेकिन प्रक्रिया लंबी है। आरोपी को थाने और अदालत के चक्कर लगाने होंगे। साथ ही गाड़ी छुड़ाने में भी समय लगेगा।














