Banda : राइफल क्लब बचाने को सड़क पर उतरी सपा, प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

  • कलक्ट्रेट में गूंजे समाजवादियों ने ठाना है-राइफल क्लब बचाना है के नारे
  • कांग्रेस के बाद अब सपाइयों ने बोला हल्ला, नीलाम नहीं होने देंगे मैदान

Banda : शहर के एकमात्र खेल मैदान की नीलामी का नोटिस प्रकाशित होने के बाद खिलाड़ियों अाैर खेल प्रेमियों समेत सभी राजनीतिक दलों में उबाल आ गया है। कांग्रेस के बाद अब समाजवादी पार्टी ने भी सड़क पर उतरकर आंदोलन छेड़ने का काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और बबेरू विधायक की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और राइफल क्लब मैदान की नीलामी नोटिस वापस लेने की आवाज बुलंद की। सपाइयों ने राज्यपाल को संबांधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और मैदान को खेलों व सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की मांग की।

मंगलवार को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डा.मधुसूदन कुशवाहा और बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादियों ने ठाना है-राइफल क्लब बचाना है जैसे नारों से समूचा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से सपाइयों ने बताया है कि 123 वर्ष पुराने खेल मैदान राइफल क्लब को गलत तरीके से फ्री होल्ड कराकर बांदा विकास प्राधिकरण नीलामी के माध्यम से बेंचने का कुचक्र रच रहा है और यहां शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाकर भूमाफिया के सुपुर्द करना चाहता है।

बताया है कि वर्ष 1902 में तत्कालीन जमींदार ने गाटा संख्या 9546 को पुलिस परेड के लिए 99 साल का सशर्त पट्‌टा किया था, बाद में पुलिस विभाग ने इस मैदान छोड़ दिया और यह मैदान शहर की खेल प्रतिभाओं को निखारने का काम करने लगा। उधर 1984-85 में मैदान के कुछ हिस्से पर बांदा विकास प्राधिकरण ने अपना कार्यालय खोल लिया और जिला प्रशासन का किरायेदार बन गया। वहीं 1992-93 में प्राधिकरण ने मैदान के कुछ अंश को नगर पालिका से मिलीभगत करके गलत तरीके से अपने पक्ष में फ्री होल्ड करा लिया और मैदान का मालिक बन बैठा। अब विकास प्राधिकरण मनमानी करते हुए मैदान को व्यवसायिक कांप्लेक्स बनाने के लिए भूमाफिया को बेंचने का कुचक्र रच रहा है और नोटिस प्रकाशित कराकर 21 जनवरी को मैदान की नीलामी की तारीख तय कर दी है।

बता दें कि वर्ष 2006 में खिलाड़ियों ने विकास प्राधिकरण के खिलाफ हाईकोर्ट से स्थगनादेश प्राप्त कर लिया था। वहीं तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसी मैदान पर एक जनसभा के दौरान राइफल क्लब को खेल मैदान के रूप में विकसित करने का ऐलान भी किया था। सपाइयों ने कहा है कि राइफल क्लब महज एक भूखंड नहीं बल्कि शहर की सामाजिक, शारीरिक और मानसिक सेहत का आधार है। इसी मैदान में खेलकर तमाम युवा जिले का नाम देश और प्रदेश में रोशन करने का जज्बा कायम कर रहे हैं। सपाइयों ने जनभावनाओं को देखते हुए राइफल क्लब की नीलामी पर रोक लगाने और मैदान को खेल के लिए सुरक्षित रखने की मांग बुलंद की है।

इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय सचिव हसनुद्दीन सिद्दीकी, युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव ओमनारायण त्रिपाठी विदित, महिला सभा जिलाध्यक्ष अर्चना सिंह पटेल, पूर्व मंत्री शिवशंकर पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा, पियूष गुप्ता, एजाज अहमद, प्रमोद गुप्ता राजा, राजन सिंह चंदेल, नीलम गुप्ता, रजनी यादव, किरन यादव, पूजा प्रजापति, शगुफ्ता सिद्दीकी, अबरार अहमद, वृंदावन वैश्य, भरतलाल दिवाकर, विवेकबिंदु तिवारी समेत तमाम कार्यकर्ता शामिल रहे।

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें