
- फतेहपुर में दस साल से सिस्टम की अनदेखी से ग्रामीण बेहाल
- अफसरों-नेताओं के चक्कर काटकर थके लोग, हालात आज भी जस के तस
अमौली, फतेहपुर। अमौली विकास खंड के अंतर्गत रामपुरकुर्मी ग्राम सभा के मजरे पढ़नी गांव में विकास की हकीकत बदहाल सड़क के रूप में सामने है। गांव के अंदर जाने वाली मुख्य सड़क पिछले दस वर्षों से तालाब और दलदल में तब्दील है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनवाने के लिए उन्होंने ब्लॉक से लेकर तहसील और जनपद स्तर तक हर विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि से गुहार लगाई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। सोमवार को जब भास्कर टीम गांव पहुंची तो सैकड़ों ग्रामीण एकत्र होकर अपना दर्द बयां करने लगे।
लोगों ने बताया कि चुनाव के समय नेता सड़क निर्माण का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही समस्या फिर फाइलों में दबा दी जाती है। सड़क पर भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण गांव में बीमारियों का खतरा बना रहता है। बुजुर्गों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज इसी दलदल से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे गंभीर स्थिति तब बन जाती है, जब डिलीवरी के समय एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। दस साल से लगातार फरियाद के बावजूद समाधान न होने से ग्रामीणों ने अब इस विकराल समस्या को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
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