
New Delhi : राजधानी दिल्ली शहर में नगर निगम के आयुक्त अश्वनी कुमार का कई सालों बाद जम्मू कश्मीर जिले में तबादला कर दिया गया है। बता दें कि अश्विनी कुमार 1992 के अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश आईएएस कैडर के वरिष्ठ अधिकारी है। आपको बता दें कि वर्ष 2022 में केंद्र सरकार द्वारा पहले तीनो निगम एकीकरण के दौरान आईएएस अश्विनी कुमार को एक विशेष अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया था, जिसके बाद आईएएस अश्विनी कुमार को जून 2024 में निगम आयुक्त के तौर पर नियुक्ति की गई थी, लेकिन आईएएस अश्वनी कुमार का तबादला होने के बाद विभाग को नए आयुक्त की तलाश जारी है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा नगर निगम विभाग को नए आयुक्त को ढूंढने की कवायद शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक नए आयुक्त की कोई स्पष्टता नहीं हो पाई हैं। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा निगम आयुक्त की नियुक्ति करने का प्रावधान है। ऐसे में आने वाले दिनों में अश्वनी कुमार को निगम विभाग से कार्यमुक्त किया जा चुका है, लेकिन अभी तक निगम विभाग को नए आयुक्त की जिम्मेदारी किसी को मिल नहीं पाई है। फिलहाल आईएएस अश्विनी कुमार का तबादला होने के बाद भी विभाग में आयुक्त का पद खाली है।
सूत्रों से पता चला है कि नगर निगम विभाग में नए आयुक्त के तौर पर 1994 के बैच के आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार और 1998 बैच के संतोष डी वैद्य को नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वर्तमान में मुख्य सचिव 1992 बैच के ही अधिकारी हैं। ऐसे में उनसे जूनियर व्यक्ति के तौर पर आयुक्त लगाया जा सकता है। हालाकि आईएएस अश्वनी कुमार ने बतौर विशेष अधिकारी नगर निगम विभाग में ई-ऑफिस सिस्टम लागू किया गया था, जिसकी वजह से बहुत सी पुरानी फाइलों को स्कैन करके डिजिटल किया गया था। साथ ही ज्यादातर फाइलों का कार्य ई-आफिस से ही चलता है। इससे कागजों को बचाने में भी काफी मदद मिल रही है।
केंद्र सरकार द्वारा नगर निगम विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त कराने के उद्देश्य से आईएएस अश्वनी कुमार की नियुक्ति की गई थी, जिसके बाद आयुक्त ने भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस की नीति को अपनाया था। इसी कड़ी में आयुक्त अश्वनी कुमार ने करोल बाग जोन कार्यालय में उन भ्रष्ट अधिकारियों को निलंबित किया गया था, जोकि वर्षों से टिके हुए थे। साथ ही भ्रष्टाचार में लिप्त थे। इसी तरह आयुक्त द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर चुके हैं। साथ ही जोन कार्यालय में 3 साल से कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों का इधर से उधर तबादला भी कर चुके हैं, इतना ही नहीं अश्वनी कुमार के समय ही सभी कर्मियों व अधिकारियों को पिछले 9 माह से एक तारीख को वेतन और पेंशन जारी की जा रही है।
वर्षों से बकाया कर्मचारियों के सातवे वेतन आयोग के बकाये भुगतान को भी खत्म किया जा रहा है। बता दें कि नीतिगत तौर पर आयुक्त ने फैक्ट्री लाइसेंस और जनरल ट्रेड लाइसेंस को संपत्तिकर से जोड़ दिया है। साथ ही कई सुविधाओं को डिजिटल भी किया है।











