
Maharashtra BMC Chunav : महाराष्ट्र निकाय चुनावों का आखिरी दिन नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 2 जनवरी थी, जिसके बाद अब चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। इस चुनाव में राज्य की सत्ता पर काबिज महायुति ने पहले ही 64 सीटें जीत ली हैं, जो उनकी मजबूत स्थिति का संकेत है।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने शनिवार को दावा किया कि राज्य में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव में उसके 18 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। उनके एक सहयोगी ने बताया कि ठाणे, जलगांव और कल्याण-डोंबिवली जैसे प्रमुख नगर निकायों में शिवसेना के छह-छह उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल की है।
विपक्षी दलों ने इस पर आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष ने उम्मीदवारों को धमकाने, डराने-धमकाने और आर्थिक प्रलोभनों का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया है। विपक्ष का कहना है कि यह चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है और इसमें पारदर्शिता का अभाव है।
बता दें कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 2 जनवरी थी। इससे पहले ही, गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित कर ली है। इस बार के चुनाव में सबसे अधिक जीत भाजपा को मिली है। भाजपा ने कुल 43 उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने की खबर दी है, जिसमें सबसे बड़ी खुशी कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका से मिली है, जहां पर उसके 14 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं।
इसके अलावा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 19 उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने का दावा किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 2 उम्मीदवार, इस्लामिक पार्टी के 1 उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की है। कुल मिलाकर, अब तक के आंकड़ों के अनुसार, 66 नगरसेवक निर्विरोध चुने गए हैं।
किस नगर पालिका में कितनी सीटें निर्विरोध जीत ली गई हैं, इस प्रकार हैं:
- पुणे महापालिका: भाजपा – 2
- पिंपरी-चिंचवड़ महापालिका: भाजपा – 2
- पनवेल महापालिका: भाजपा – 6, निर्दलीय – 1
- ठाणे महापालिका: शिवसेना – 7
- भिवंडी महापालिका: भाजपा – 6
- कल्याण-डोंबिवली महापालिका: भाजपा – 14, शिवसेना – 6
- धुले महापालिका: भाजपा – 4
- मालेगांव महापालिका: इस्लामिक पार्टी – 1
- जलगांव महापालिका: भाजपा – 6, शिवसेना – 6
- अहिल्यानगर महापालिका: भाजपा – 3, राकांपा – 2
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि महायुति (भाजपा, शिवसेना और राकांपा) ने चुनाव से पहले ही अपनी जीत पक्की कर ली है। चुनाव आयोग ने कुछ सीटों पर जांच के आदेश भी दिए हैं, लेकिन वर्तमान में गठबंधन की स्थिति मजबूत नजर आ रही है।
यह परिणाम महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति और आगामी सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विपक्षी दलों ने आरोप लगाए हैं कि सत्ता पक्ष ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है, लेकिन भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), और राकांपा की जीत से स्पष्ट है कि वे जनता का समर्थन प्राप्त कर चुके हैं। अब नजरें आगामी चुनाव परिणामों और सरकार गठन पर टिकी हैं।















