
भोपाल : भोपाल के निशातपुरा इलाके स्थित ईरानी डेरा को लेकर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि कुख्यात राजू ईरानी यहां से पूरे अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क को कंट्रोल करता था। बाहर से आने वाले बदमाशों के लिए रहने, रेकी और फरारी तक की पूरी व्यवस्था इसी डेरे से संचालित होती थी।
चेन सिस्टम से चलता था ईरानी गैंग पुलिस के मुताबिक गैंग का कामकाज एक सुनियोजित चेन सिस्टम पर चलता था। बदमाश वारदात से करीब एक माह पहले शहर में एंट्री करते, इलाके की बारीकी से रेकी होती, पुलिस गश्त और टारगेट फिक्स किए जाते। पूरी प्लानिंग के बाद लूट–झपटमारी जैसी वारदातों को अंजाम दिया जाता।

शहर-दर-शहर फरारी का नेटवर्क
वारदात के बाद आरोपी नर्मदापुरम, देवास, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और छत्तीसगढ़ जैसे शहरों में छिपते थे। वहीं दूसरे राज्यों के अपराधी वारदात के बाद भोपाल आकर ईरानी डेरे में पनाह लेते थे।
छह राज्यों की पुलिस एक्टिव
मामले की गंभीरता को देखते हुए छह राज्यों की पुलिस सक्रिय है। राजू ईरानी समेत 5 फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने रिश्तेदारों और संरक्षण देने वालों का डेटा तैयार कर लिया है।
अवैध निर्माण पर बुलडोजर की तैयारी
ईरानी डेरे की जमीन के कागजात जांच के दायरे में हैं। अवैध निर्माण पाए जाने पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
2014 की आगजनी के बाद फिर खुला संगठित अपराध का राज
2014 में 39 मकानों में आगजनी के बाद से यह इलाका संवेदनशील बना हुआ है। अब ताजा खुलासों के बाद पूरा ईरानी डेरा पुलिस और प्रशासन के रडार पर है।
पुलिस का कहना है कि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार दबिशें दी जा रही हैं और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।















