
Mirzapur : उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में जिगना क्षेत्र अंतर्गत रायपुर सर्रोंई गांव में शुक्रवार की रात नहर का तटबंध टूट जाने से भारी तबाही मच गई। नहर का पानी गांव की ओर फैल गया। सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई। हालात इतने खराब हो गए कि रिहायशी बस्ती के कई मकान चारों ओर से पानी से घिर गए और घरों में पानी भरने से गांव में अफरातफरी मच गई।
यह नहर हलिया क्षेत्र स्थित बेलन बरौंधा डैम से निकली है। इसका टेल हिस्सा रायपुर सर्रोंई गांव के पास पड़ता है। गांव के पास पुलिया के समीप तटबंध टूटने की यह घटना कोई नई नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार साल दर साल इसी स्थान पर तटबंध टूटता है। किसानों को हर बार भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ग्राम प्रधान संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि नहर का गहरीकरण तो कराया जाता है लेकिन तटबंध की मरम्मत व मजबूती पर ध्यान नहीं दिया जाता। जर्जर तटबंध के कारण पानी बाहर फैल जाता है। खेतों में खड़ी फसलों की पौध सड़-गल जाती है। इस बार भी कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
तटबंध टूटने से खलीफा, महेंद्र गुप्ता, मुख्तार अली, जीवबोधन गुप्ता, राजेंद्र वर्मा, नान्हक और रमेश के मकानों में पानी घुस गया है। उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सीताराम, लालचंद, मनीराम, विजयधर, मोहन, महेश सहित अनेक किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। कार्यदायी संस्था बेलन बरौंधा नहर प्रखंड के अवर अभियंता हरि मोहन ने बताया कि टूटे हुए तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। हालांकि किसानों ने कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों व किसानों ने जिलाधिकारी से क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्राम प्रधान संतोष कुमार तिवारी ने एसडीएम सदर से राजस्व कर्मियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराए जाने की मांग की है।















