विकास बनाम आस्था: बांदा में प्राचीन दुर्गा मंदिर व पीपल बचाने को श्रद्धालुओं की मांग

बांदा : जिले में विकास व सुंदरीकरण के नाम पर एक बार फिर आस्था और प्रशासन आमने-सामने खड़े हो गए हैं। राजस्व विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी विकास और सुंदरीकरण का हवाला देकर बबेरू रोड स्थित प्राचीन पीपल के वृक्ष और दुर्गा मंदिर को हटाने का दबाव बना रहे हैं। महिला महंत समेत तमाम श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर लगभग 60 वर्ष पुराने पीपल के वृक्ष और दुर्गा मंदिर को बचाते हुए सड़क निर्माण कार्य कराए जाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व जिलाधिकारी जे. रीभा को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पीपल का वृक्ष और मंदिर दशकों से क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र रहे हैं। राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग विकास व सुंदरीकरण का हवाला देते हुए पीपल के वृक्ष और मंदिर को हटाने का दबाव बना रहे हैं, जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वन विभाग ने पीपल के वृक्ष को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया है। पीपल का वृक्ष और मंदिर सड़क से पर्याप्त दूरी पर स्थित हैं और न तो यातायात में बाधा हैं और न ही किसी विकास कार्य में।

विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मंदिर और पीपल का वृक्ष पिछले 60 वर्षों से क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र हैं और यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने स्थानीय जनता, साधु-संतों और धार्मिक संगठनों से संवाद किए बिना कोई एकतरफा कार्रवाई की, तो संगठन जनता के साथ मिलकर वृक्ष और मंदिर की रक्षा के लिए आंदोलन करने को बाध्य होगा।

श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि लगभग 60 वर्ष पुराने पीपल के वृक्ष और दुर्गा मंदिर को सुरक्षित रखते हुए सड़क निर्माण कार्य कराए जाने की मांग की है।

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