
हरिद्वार। कड़ाके की ठंड और गंगा घाटों पर बेहद दयनीय हालात के बीच AHTU हरिद्वार ने मानवता की मिसाल पेश की है। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड के निर्देश पर शुरू किए गए “ऑपरेशन स्माइल” के पहले ही दिन दो गुमशुदा नाबालिग बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के नेतृत्व में 2 जनवरी 2026 को अभियान की शुरुआत होते ही पुलिस टीम ने हर की पौड़ी क्षेत्र में गश्त के दौरान गंगा घाटों पर भिखारियों के बीच आग तापते हुए दो बालकों को देखा, जो भीषण ठंड से जूझ रहे थे। AHTU टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू किए गए पहले बालक की पहचान अभिषेक (13 वर्ष) पुत्र अरविंद, निवासी धारवाली, मोहबेवाला (देहरादून) के रूप में हुई, जो करीब एक वर्ष पहले घर से लापता हो गया था। वह दिल्ली और पंजाब में भटकने के बाद हाल ही में हरिद्वार पहुंचा था।
दूसरा बालक मनीष (15 वर्ष) पुत्र स्व. पवन, निवासी ग्राम बंधापुरा, सरधना (मेरठ, यूपी) है, जो छह महीने पहले घर छोड़कर हरिद्वार आया था और शादी-विवाह में छोटे-मोटे काम कर जीवन यापन कर रहा था।
रेस्क्यू के बाद दोनों बालकों की मेडिकल जांच कराई गई और उन्हें बाल कल्याण समिति, हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। काउंसलिंग के बाद दोनों को खुला आश्रय गृह, कनखल में सुरक्षित संरक्षण दिया गया है।
पुलिस द्वारा दोनों बालकों के परिजनों की तलाश की जा रही है। AHTU हरिद्वार ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को इन बालकों के संबंध में कोई जानकारी हो, तो मोबाइल नंबर 8077137481 पर संपर्क करें।











