Lucknow : संस्कृत से ही भारत का होगा भाग्योदय- स्वांत रंजन

Lucknow : संस्कृत भारती कानपुर प्रांत और अवध प्रांत का आवासीय शीतकालीन प्रबोधन वर्ग का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। लखनऊ के निरालानगर स्थित जे.सी. गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के आरम्भ में मुख्य अतिथि व वक्ता के रुप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन व संस्कृत भारती के क्षेत्र प्रचार प्रमुख जेपी सिंह, विशिष्ट अतिथि के रुप में अवध प्रांताध्यक्ष डॉ. चन्द्रभूषण त्रिपाठी और वर्गाधिकारी के रूप में श्रम विभाग के पूर्व उप निदेशक इंजीनियर धर्मेंद्र प्रताप सिंह इस अवसर पर उपस्थित रहे।

इस वर्ग के उद्घाटन अवसर पर सबसे पहले विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंगलाचरण किया गया। उसके बाद अध्याय मंत्र करके संस्कार वातावरण निर्माण हेतु संस्कृत गीत इत्यादि का आचरण किया गया। अतिथियों का परिचय एवं स्वागत कराया गया।

मुख्य वक्ता संघ के अखिल भारतीय प्रचारक स्वांत जी ने कहा कि संस्कृत से ही भारत का परिचय है। संस्कृत भाषा प्राचीन तो है ही, साथ में निर्वाचीन भी है। वर्ग में सामूहिक जीवन जीने का कौशल सीखकर संस्कृत भाषा का सामूहिक कार्य कर समाज में संस्कृत कार्य कर भारत की अपनी मूल भाषा एवं अपनी संस्कृति को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाकर भारत माता को परम वैभव की ओर ले जाने का संकल्प लें। संस्कृत भारती इस कार्य को द्रुत गति से कर रही है क्योंकि भारत के भाग्य का उदय संस्कृत से ही होगा ।

इस अवसर वर्ग के संस्कृत भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संगठन मंत्री प्रमोद पंडित तथा डॉक्टर श्यामलेश आदि संस्कृत के विद्वान उपस्थित रहे। संस्कृत भारती अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अनिल जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि इस प्रबोधन वर्ग के माध्यम से शीतकालीन अवकाश में समाज में ऐसे आवासीय वर्गों का आयोजन किया जाता है, जिसमें संस्कृत व्यवहार के माध्यम से पढ़ना लिखना एवं बोलना सिखाया जाता है। संगठन के सुदृढ़ीकरण और संवर्धन तथा कार्यकर्ताओं के समायोजन हेतु समय-समय पर ऐसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

उन्होंने यह कहा कि यह वर्ग एक जनवरी से आरंभ होकर 9 जनवरी तक आयोजित किया गया है, जिसमें कानपुर और अवध प्रांत के विभिन्न कार्यकर्ता एवं वर्गार्थी उपस्थित हैं और रहेंगे। इस कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर लगभग 50 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे। विभिन्न प्रशिक्षकों द्वारा जिन्हें समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षकों द्वारा वर्गार्थियों को समय सारणी एवं वर्ग की नियमावली के बारे में संबोधित किया गया तथा उद्घाटन सत्र का सम्पूर्ति कार्यक्रम शांति मंत्र के साथ किया गया।

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें